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New Delhi नई दिल्ली : भारत में इस वर्ष ईद-उल-अज़हा 28 मई को मनाई जाएगी। देशभर में मुस्लिम समुदाय इस पर्व को धार्मिक उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है। इस मौके पर लोगों ने मस्जिदों, ईदगाहों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष नमाज अदा करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह पर्व समाज में भाईचारे, शांति और खुशी की भावना को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री के संदेश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया गया, जिसमें उन्होंने सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।
Eid ul-Adha greetings! May this occasion deepen the spirit of brotherhood and happiness in our society. Praying for everyone’s success and good health.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2026
Narendra Modi ने अपने संदेश में लिखा, “ईद-उल-अज़हा की बधाई! यह मौका हमारे समाज में भाईचारे और खुशी की भावना को और गहरा करे। सभी की सफलता और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करता हूँ।” उनके इस संदेश को विभिन्न वर्गों के लोगों ने सकारात्मक रूप से लिया है और इसे सामाजिक सौहार्द को बढ़ाने वाला संदेश माना जा रहा है।
ईद-उल-अज़हा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्याग, कुर्बानी और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं और परंपरागत रूप से कुर्बानी की रस्म निभाते हैं। इसके बाद मांस को परिवार, रिश्तेदारों और जरूरतमंदों में बांटा जाता है, जिससे समाज में सहयोग और समानता का संदेश जाता है।
India में इस त्योहार को लेकर कई राज्यों में प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जाती हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और लोग शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मना सकें। स्थानीय प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों में बाजारों में भी रौनक देखी जा रही है। कपड़े, मिठाई और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी तेज हो गई है। लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ इस खास मौके को मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
धार्मिक और सामाजिक जानकारों के अनुसार ईद-उल-अज़हा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, दया और परोपकार का संदेश भी देता है। इस दिन जरूरतमंदों की मदद करने और उनके साथ खुशी बांटने की परंपरा इसे और अधिक खास बनाती है।
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी लोगों को बधाई दी है और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। त्योहार को देखते हुए कई जगहों पर पुलिस और प्रशासन ने निगरानी भी बढ़ा दी है।
इस प्रकार ईद-उल-अज़हा का यह अवसर देश में सामाजिक एकता और भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है, जहां सभी समुदाय मिलकर इस पर्व की खुशियां साझा करते हैं।





