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पीएम मोदी का दावा जन धन योजना ने पारदर्शिता को दी नई मजबूती

nidhi
29 Aug 2026 7:29 AM IST
पीएम मोदी का दावा जन धन योजना ने पारदर्शिता को दी नई मजबूती
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सरकार की DBT योजना से जनता को 53 लाख करोड़ का लाभ

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के 12 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने इसके जरिए हुए बदलावों को रेखांकित किया है। सरकार के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से देश के करोड़ों लाभार्थियों तक करीब 53 लाख करोड़ रुपये सीधे पहुंचाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना को वित्तीय समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस योजना ने आम लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है।

28 अगस्त 2014 को शुरू हुई प्रधानमंत्री जनधन योजना का उद्देश्य देश के हर परिवार को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना था। योजना के तहत गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बिना न्यूनतम बैलेंस वाले बैंक खाते खोले गए, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंचाना आसान हुआ।
बिचौलियों की भूमिका हुई कम
सरकार का कहना है कि DBT व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने का काम किया है। इससे बीच के बिचौलियों की भूमिका कम हुई और योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी। सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी सहायता राशि सीधे खातों में पहुंचने लगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनधन योजना केवल बैंक खाता खोलने की पहल नहीं रही, बल्कि इसने गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है। बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ने से छोटे कारोबार, बचत और डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिला है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
सरकार के अनुसार, जनधन खातों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही है। करीब 33 करोड़ महिलाओं के जनधन खाते हैं, जो कुल जनधन खाताधारकों का लगभग 56 प्रतिशत है। इससे महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ने और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने में मदद मिली है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा पहुंचने से महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलने लगा है। इससे उन्हें आर्थिक फैसलों में भी ज्यादा भूमिका मिली है।
डिजिटल इंडिया को मिला बढ़ावा
जनधन योजना, आधार और मोबाइल तकनीक के साथ मिलकर JAM (जनधन-आधार-मोबाइल) व्यवस्था का आधार बनी। इसके जरिए डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को विस्तार मिला। सरकार का दावा है कि जनधन खातों ने कोरोना काल सहित कई मौकों पर जरूरतमंद लोगों तक आर्थिक सहायता तेजी से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
करोड़ों लोग जुड़े बैंकिंग व्यवस्था से
जनधन योजना के तहत अब तक करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। योजना के तहत खाताधारकों को रुपे डेबिट कार्ड, बीमा और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ भी दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में जनधन योजना ने भारत की बैंकिंग पहुंच को काफी विस्तार दिया है। हालांकि, खातों के नियमित इस्तेमाल और वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की जरूरत अभी भी बनी हुई है।
सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां
केंद्र सरकार ने कहा कि DBT और जनधन योजना ने कल्याणकारी योजनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाया है। अब लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुंचने में देरी और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनधन योजना का प्रभाव देश के गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्गों के जीवन में साफ दिखाई दे रहा है और यह योजना आने वाले वर्षों में भी आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनी रहेगी।

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