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लाल किले से पीएम मोदी का ऐलान, 2047 तक बनेगा विकसित भारत

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और आने वाले वर्षों के विकास का रोडमैप देशवासियों के सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2047 में भारत विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। उन्होंने इस लक्ष्य को केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास और संकल्प का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों के परिश्रम, प्रतिभा और सामूहिक शक्ति के बल पर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।
लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में संसाधनों का तेजी से राजनीतिक और रणनीतिक इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे समय में भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा, ताकि देश अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
प्रधानमंत्री ने अगले 5 से 7 वर्षों के विकास के लिए ‘सप्त धारा’ का रोडमैप भी देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कई क्षेत्रों में एक साथ तेज गति से काम करना होगा। इसके लिए सरकार और जनता को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं के कौशल, नवाचार और ऊर्जा के माध्यम से भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बना सकता है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नए अवसरों का लाभ उठाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता को देश की सुरक्षा और आर्थिक मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि भारत को हर क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि रक्षा, तकनीक, उद्योग, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता देश को मजबूत बनाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत आज तेजी से बदल रहा है और दुनिया भी भारत की क्षमता को पहचान रही है। देश में हो रहे विकास कार्यों, डिजिटल प्रगति और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसानों, महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक विकास, वैज्ञानिक उपलब्धियां और आत्मविश्वास से भरा नया भारत भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। वैश्विक स्तर पर बदलते हालात के बीच देश को मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है।
उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सपना नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है।
लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के विकास के भविष्य की दिशा तय करने वाला संदेश माना जा रहा है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के साथ उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर नए भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।





