दिल्ली-एनसीआर

लाल किले से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

Kavita2
15 Aug 2026 9:16 AM IST
लाल किले से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
x

नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने बीते वर्षों में देश की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज हर तरह के संकट का सामना करने के लिए पहले से अधिक सक्षम और तैयार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के दौर में कुछ लोग लगातार देशवासियों के बीच डर का माहौल बनाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का काम केवल आशंकाएं फैलाना है, लेकिन देश ने पिछले वर्षों में ऐसी व्यवस्था तैयार की है जिससे किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना किया जा सके।

संकट के समय मजबूत रहा भारत

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम किया है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने ऐसी योजनाओं और नीतियों पर काम किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि आज भारत के पास पेट्रोल, डीजल, खाद और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी वैश्विक संकट के दौरान देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण भारत किसी भी परिस्थिति में रुकने वाला नहीं है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश ने रक्षा, ऊर्जा, कृषि, उद्योग और तकनीक जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। भारत अब केवल जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया के लिए समाधान देने की क्षमता रखने वाला राष्ट्र बन रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों की मेहनत से भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की यह यात्रा केवल सरकार की नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

डर नहीं संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा देश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को हर उपलब्धि में कमी दिखाई देती है और वे जनता को डराने का प्रयास करते हैं। लेकिन देशवासियों ने पिछले वर्षों में देखा है कि भारत बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकता है।

उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन दौर में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि दुनिया के कई देशों की मदद भी की। इसी तरह वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विकास के नए लक्ष्य पर फोकस

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को और अधिक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य देश के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है। गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों और युवाओं को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं।

दुनिया में बढ़ रही भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत की क्षमता और ताकत को पहचान रही है। भारत की अर्थव्यवस्था, तकनीकी क्षमता और युवा शक्ति देश को नई पहचान दे रही है।

उन्होंने कहा कि देश ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और इन फैसलों के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। भारत अब आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका निभा रहा है।

जनता से किया आगे बढ़ने का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत के लिए अवसरों से भरा है और सामूहिक प्रयासों से देश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि भारत चुनौतियों से घबराने वाला नहीं, बल्कि हर संकट को अवसर में बदलने की क्षमता रखने वाला देश है।

Next Story