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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी को आधुनिक, स्वच्छ और तकनीक आधारित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'दिल्ली इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026' को मंजूरी दी गई। नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य अगले दस वर्षों के दौरान राजधानी में स्वच्छ, उच्च मूल्य वाले उद्योगों और ज्ञान तथा तकनीक आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही सरकार ने नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना के तहत पांच वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई औद्योगिक नीति राजधानी की अर्थव्यवस्था को आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित करने पर केंद्रित है। सरकार चाहती है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली ऐसे उद्योगों का महत्वपूर्ण केंद्र बने, जो तकनीक, नवाचार और उच्च मूल्य वाले उत्पादों तथा सेवाओं से जुड़े हों।
इस नीति के माध्यम से राजधानी में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने से नए व्यवसायों की स्थापना और मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के अवसर पैदा होंगे।
नई नीति में स्वच्छ उद्योगों पर विशेष जोर दिया गया है। दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में सरकार ने ऐसे उद्योगों और कारोबारी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा तय की है, जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर सहमति बनी। यह नीति अगले दस वर्षों के दौरान दिल्ली में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए मार्गदर्शक ढांचे के रूप में काम करेगी।
नई औद्योगिक नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना है। इसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। यह राशि पांच वित्त वर्षों की अवधि के लिए निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
सरकार की योजना के अनुसार, उद्योगों को प्रोत्साहन देने से राजधानी की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सकती है। विशेष रूप से नए उद्यम स्थापित करने के इच्छुक कारोबारियों के लिए औद्योगिक नीति महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, उद्यमश्री योजना के तहत आर्थिक सहायता की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और प्रोत्साहन राशि से जुड़े विस्तृत नियमों की अलग से पुष्टि आवश्यक होगी।
दिल्ली सरकार ने ज्ञान और तकनीक आधारित व्यवसायों को भी नई नीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। इसका उद्देश्य राजधानी की आर्थिक क्षमता का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में करना है, जहां नवाचार और तकनीकी विशेषज्ञता की प्रमुख भूमिका होती है।
नई औद्योगिक नीति के तहत सरकार का ध्यान ऐसे कारोबारी वातावरण को विकसित करने पर है, जहां उद्योग स्थापित करना और उनका संचालन करना अधिक सुविधाजनक हो। दिल्ली सरकार पहले ही उद्योगों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठा चुकी है। सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल शुरू किया था। इस पोर्टल पर 15 से अधिक सरकारी विभागों की 100 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से दिल्ली सरकार औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। तकनीक आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन देने से कुशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
सरकार ने अगले दस वर्षों के लिए औद्योगिक विकास की दिशा निर्धारित की है, जबकि मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना के लिए शुरुआती पांच वर्षों का वित्तीय प्रावधान किया गया है। ऐसे में नीति का क्रियान्वयन, उद्योगों की भागीदारी और निवेश की वास्तविक स्थिति इसके परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी को केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनाए रखना नहीं, बल्कि स्वच्छ और आधुनिक औद्योगिक विकास के लिए भी तैयार करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मंजूर की गई नई औद्योगिक नीति इसी दिशा में एक कदम है।
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