दिल्ली-एनसीआर

पीयूष गोयल ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात की

SHIDDHANT
7 March 2026 12:17 AM IST
पीयूष गोयल ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात की
x
Delhi दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कनाडा के सस्केचेवान राज्य के प्रीमियर स्कॉट मो और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात की और इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की एक पोस्ट में लिखा कि कनाडा के सस्केचेवान राज्य के प्रीमियर स्कॉट मो, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री श्री स्टीफन हार्पर और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ एक सार्थक बैठक हुई।
पोस्ट में आगे लिखा कि चर्चा का मुख्य विषय आर्थिक संबंधों को मजबूत करना, सहयोग के नए रास्ते तलाशना और भारत और कनाडा के बीच चल रही व्यापारिक वार्ताओं को आगे बढ़ाना था। हमने निरंतर संवाद और द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में भारत और कनाडा के बीच 2.6 अरब डॉलर का लंबी अवधि का यूरेनियम आपूर्ति का समझौता हुआ है। जानकार इसे दोनों देशों के संबंधों में एक अहम कदम मान रहे हैं। वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत के उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को मजबूत करेगा, जिसके तहत देश 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहता है।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में घरेलू स्तर पर यूरेनियम उत्पादन भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे में लंबे समय के लिए यूरेनियम आयात की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है।
रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि भारत में यूरेनियम का घरेलू उत्पादन कुल मांग से काफी कम रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि मौजूदा और भविष्य के परमाणु रिएक्टरों को चलाने के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसी कारण कनाडा के साथ दीर्घकालिक सप्लाई समझौता रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tagsपीयूष गोयलकेंद्रीय वाणिज्य मंत्रीउद्योग मंत्रीकनाडासस्केचेवानप्रीमियर स्कॉट मोपूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्परभारत-कनाडा संबंधआर्थिक सहयोगव्यापार वार्ताद्विपक्षीय साझेदारीयूरेनियम आपूर्तिलंबी अवधि समझौता2.6 अरब डॉलरपरमाणु ऊर्जा2047 लक्ष्य100 गीगावाटऊर्जा क्षमताऊर्जा सुरक्षारणनीतिक सहयोगवैश्विक विश्लेषकऊर्जा आयातपरमाणु रिएक्टरऊर्जा नीतिआर्थिक विकासऊर्जा रणनीतिअंतरराष्ट्रीय व्यापारभारत की ऊर्जा जरूरतपरमाणु ऊर्जा सुरक्षाऊर्जा परियोजनाऊर्जा निवेशवैश्विक सहयोगजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story