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पीयूष गोयल ने जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश विविधीकरण का आमंत्रण दिया

SHIDDHANT
23 Oct 2025 7:35 PM IST
पीयूष गोयल ने जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश विविधीकरण का आमंत्रण दिया
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Delhi दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मन कंपनियों से भारत में अपने निवेश को विविध क्षेत्रों में फैलाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था है और यहां निवेश के लिए अपार अवसर मौजूद हैं, खासकर मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में। पीयूष गोयल ने यह अपील जर्मन उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते एक दशक में Ease of Doing Business, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, और नीति पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं, जिससे विदेशी निवेशकों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
गोयल ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक साझेदारी दशकों पुरानी है, और अब समय है कि दोनों देश सप्लाई चेन रेज़िलिएंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में मिलकर नई ऊंचाइयां हासिल करें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत यूरोप और एशिया को जोड़ने वाला एक रणनीतिक पुल साबित हो सकता है, जिससे जर्मन कंपनियों को एशियाई बाजारों तक आसानी से पहुंच मिलेगी। उन्होंने बताया कि भारत में उद्योग 4.0, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, और Make in India 2.0 जैसे अभियान निवेशकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने जर्मन उद्यमों को पीएलआई (Production Linked Incentive) योजनाओं का लाभ उठाने का भी आमंत्रण दिया।
जर्मन प्रतिनिधियों ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और स्थिर नीतिगत माहौल की सराहना की। कई कंपनियों ने ऊर्जा, ऑटो पार्ट्स, और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने में रुचि दिखाई। गोयल ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के नए आयाम खुलेंगे। दोनों देश तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप्स, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई भागीदारी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि “India-Germany Business Corridor” आने वाले समय में यूरोप और एशिया के बीच आर्थिक सहयोग का सबसे मजबूत मॉडल बनेगा।
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