दिल्ली-एनसीआर

सूरजपुर के लोग कम्पनी के प्रदूषण से हैं बेहद परेशान, डीएम को लिखी चिट्ठी

Admin Delhi 1
18 Jun 2022 6:58 AM GMT
सूरजपुर के लोग कम्पनी के प्रदूषण से हैं बेहद परेशान, डीएम को लिखी चिट्ठी
x

एनसीआर नॉएडा: ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर कस्बे के निवासियों ने जिलाधिकारी सुहास एलवाई से मुलाकात की। लोगों ने कस्बे में जूते का सोल और तला बनाने वाली कंपनी से हो रही परेशानी के बारे में बताया है। कस्बा वासियों का कहना है कि यह कंपनी भारी मात्रा में प्रदूषण फैला रही है। जिसकी वजह से सूरजपुर कस्बे में लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार कंपनी मैनेजमेंट को हालात सुधारने के बारे में पत्र लिखा गया है। जिला प्रशासन को भी पिछले वर्षों के दौरान कई बार शिकायत दी गई है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब एक बार फिर करीब 2 दर्जन लोगों ने हस्ताक्षर करके एक चिट्ठी डीएम को सौंपी है।

क्या है मामला: सूरजपुर कस्बे के रहने वाले गब्बर सिंह, प्रदीप कुमार, सौरभ शर्मा, विभोर वर्मा, सुधीर कुमार, नीरज शर्मा और महेंद्र पाल गुप्ता आदि करीब 2 दर्जन लोगों ने हस्ताक्षर करके एक चिट्ठी डीएम सुहास एलवाई को भेजी है। इन लोगों ने लिखा है, "हमारे कस्बे के बीचोंबीच जाहोनेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है। यह कंपनी जूते का सोल और तला बनाती है। इस कंपनी से बड़ी मात्रा में प्रदूषण निकलता है। जिसकी वजह से पूरे कस्बे में हालत खराब रहती है। कंपनी में पिछले साल जुलाई महीने में भीषण आग लगी थी। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया था। पड़ोस के घर भी आग की चपेट में आ गए थे। इससे पहले भी इस तरह की कई बड़ी घटनाएं इस कंपनी में हो चुकी हैं। जिससे आसपास रहने वाले परिवार दहशतजदा हैं।"

प्रदूषण से कैंसर के बीमार बढ़े: इन लोगों का कहना है कि भारी प्रदूषण की वजह से कस्बे के लोगों में कैंसर जैसी घातक बीमारी बढ़ रही है। कस्बे में कैंसर के बीमार लोगों की संख्या बढ़ रही है। यह सब प्रदूषण की वजह से हो रहा है। लोगों ने डीएम को बताया कि 22 जुलाई 2019 को कंपनी के खिलाफ शिकायत दी गई थी। जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। बीच में 2 वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण यूंही बीत गए। अब कंपनी का प्रदूषण असहनीय होता जा रहा है। शिकायत करने वाले लोगों ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इन लोगों का कहना है कि इस कंपनी को घनी आबादी के बीच से हटाकर कहीं दूर भेज दिया जाए। कस्बे के निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला प्रशासन ने जल्दी ही हमारी समस्या का समाधान करने के लिए उचित कदम नहीं उठाया तो मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।

Next Story