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AAP पर पवन खेड़ा का बड़ा हमला बोले पंजाब में पार्टी कमजोर

Ratna Netam
3 Oct 2026 6:16 PM IST
AAP पर पवन खेड़ा का बड़ा हमला बोले  पंजाब में पार्टी कमजोर
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी कमजोर हो गई है और पंजाब में उसके खत्म होने की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और विभिन्न दल अपनी रणनीति को लेकर सक्रिय हैं।समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में पवन खेड़ा ने कांग्रेस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में वैचारिक स्तर पर काम करना चाहते हैं, उन्हें लगता है कि कांग्रेस ही वह राजनीतिक रास्ता है, जिसके जरिए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जा सकती है। यह बयान उन्होंने कांग्रेस में नेताओं के आने के सवाल के संदर्भ में दिया।खेड़ा ने कहा, **"हर कोई इस रास्ते पर आना चाहता है क्योंकि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने का रास्ता कांग्रेस पार्टी का ही रास्ता है।"** उन्होंने आगे AAP की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में देखा जाएगा कि किस पार्टी में क्या होता है। उनके मुताबिक AAP कमजोर हो चुकी है और पंजाब में खत्म होने की ओर बढ़ रही है।
AAP को लेकर खेड़ा का दावा
पवन खेड़ा ने अपने बयान में AAP की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना राजनीतिक आकलन रखा। उन्होंने कहा कि नेता समाज की नब्ज को समझते हैं और उन्हें यह पता चल जाता है कि राजनीतिक माहौल किस दिशा में जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जो लोग देश में वैचारिक स्तर पर कुछ हासिल करना चाहते हैं, वे कांग्रेस को एक रास्ते के तौर पर देखते हैं।खेड़ा की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य में AAP सरकार सत्ता में है और 2027 के चुनाव में उसे अपने शासन के रिकॉर्ड के आधार पर जनता के सामने जाना होगा। दूसरी ओर कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिल रहे हैं।हालांकि, AAP की स्थिति को लेकर खेड़ा का "कमजोर" और "खत्म होने की ओर" वाला बयान कांग्रेस नेता का राजनीतिक दावा है। इसे स्वतंत्र तथ्य या चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जा सकता। पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में AAP, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और अन्य दल सक्रिय हैं।
कांग्रेस में AAP नेता का प्रवेश
खेड़ा का बयान उस दिन आया जब AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और पत्रकार रजत राकेश टंडन भी कांग्रेस में शामिल हुए। इन नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर सामने आया है।प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस में शामिल होने के दौरान AAP से अपने इस्तीफे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि वह अब पार्टी के कार्यों और नेतृत्व का बचाव नहीं कर सकती थीं। हालांकि, उनके बयान को भी उनके व्यक्तिगत राजनीतिक रुख के रूप में देखा जाना चाहिए।पवन खेड़ा की टिप्पणी और उसी दिन प्रियंका कक्कड़ के कांग्रेस में शामिल होने की घटना ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले दलों के बीच नेताओं के आने-जाने और संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।
पंजाब में चुनावी तैयारियां तेज
पंजाब में 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2027 में चुनाव होना है। चुनाव में AAP, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल समेत कई राजनीतिक दल मैदान में होंगे। हालिया रिपोर्टों में राज्य में विभिन्न दलों की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों के तेज होने का उल्लेख किया गया है।AAP सरकार के सामने अपने कार्यकाल के प्रदर्शन को लेकर जनता के बीच जाने की चुनौती है। पार्टी के प्रवक्ता सरकार के विकास और कल्याणकारी कामों को चुनावी मुद्दा बनाने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस राज्य में खुद को प्रमुख विपक्षी विकल्प के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर जोर दे चुके हैं।कांग्रेस की पंजाब इकाई में भी हाल के दिनों में संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व को लेकर चर्चा रही है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है और पार्टी नेतृत्व की ओर से आगे की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
बयान से क्या संकेत?
पवन खेड़ा के बयान को पंजाब के आगामी राजनीतिक माहौल के संदर्भ में देखा जा सकता है। कांग्रेस नेता ने एक ओर कांग्रेस को संविधान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों के साथ जोड़कर पेश किया, वहीं दूसरी ओर AAP की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाया।हालांकि, आने वाले चुनाव में किसी पार्टी की स्थिति क्या होगी, यह मतदाताओं के फैसले और चुनावी परिणाम से तय होगा। फिलहाल पंजाब में राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं और चुनाव से पहले कई नए राजनीतिक समीकरण सामने आने की संभावना बनी हुई है।पवन खेड़ा के बयान के बाद कांग्रेस और AAP के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। वहीं AAP की ओर से इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया आने के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गरम हो रहा है और नेताओं के बयान चुनावी बहस को आकार देने लगे हैं।
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