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KPSC परीक्षा घोटाले पर राहुल गांधी से जवाब मांगते पात्रा

Ratna Netam
1 Oct 2026 5:33 PM IST
KPSC परीक्षा घोटाले पर राहुल गांधी से जवाब मांगते पात्रा
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नई दिल्ली। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार को लेकर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। पात्रा ने दावा किया कि कर्नाटक की अपराध जांच विभाग (CID) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र चुनिंदा उम्मीदवारों तक पहुंचाए जाने और इसके बदले लाखों रुपये लिए जाने के सबूत सामने आए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी इस मामले पर जवाब मांगा।
मामला जनवरी 2026 में आयोजित KPSC की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक और निलंबित IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र और उससे जुड़ी सामग्री कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले को उपलब्ध कराई। इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नों तक पहुंच देने के बदले बड़ी रकम लिए जाने का आरोप है।
जांच के अनुसार उम्मीदवारों से शुरुआत में करीब 80 लाख रुपये तक की मांग की गई थी, जबकि कई मामलों में कथित सौदे 30 से 40 लाख रुपये के बीच तय हुए। ED का आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एक रिसॉर्ट या निजी स्थान पर ले जाकर प्रश्नों और उत्तरों को याद कराया गया। कई अभ्यर्थियों से शेष भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कथित तौर पर खाली हस्ताक्षरित चेक और प्रॉमिसरी नोट भी लिए गए थे।
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस मामले को सबसे पहले उम्मीदवार डॉ. एस. मंजूनाथ ने उठाया था। उपलब्ध जांच विवरण के मुताबिक मंजूनाथ ने कुछ ऐसे उम्मीदवारों के असामान्य रूप से उच्च अंक हासिल करने को लेकर शिकायत की थी, जिनका पिछला शैक्षणिक रिकॉर्ड कमजोर बताया गया था। इसी शिकायत के बाद जांच आगे बढ़ी और कई उम्मीदवारों तथा अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आई।
कर्नाटक CID की जांच में कथित तौर पर 60 से 80 सवाल परीक्षा से पहले लीक किए जाने के संकेत मिले हैं। जांचकर्ताओं ने कई उम्मीदवारों के उत्तरों में अत्यधिक समानता भी पाई। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने सही उत्तरों के साथ वही गलत जवाब भी दिए थे, जिससे जांच एजेंसियों को संदेह हुआ कि उन्हें पहले से प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे।
जांच में पैसे के लेन-देन का मामला भी सामने आया है। CID ने करीब 1.52 करोड़ रुपये के कथित मनी ट्रेल का पता लगाने की बात कही है। अलग-अलग उम्मीदवारों से 30 लाख से 77 लाख रुपये तक भुगतान किए जाने के आरोप सामने आए हैं। हालांकि सभी उम्मीदवारों की भूमिका और आपराधिक जिम्मेदारी अभी जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
संबित पात्रा ने इसी जांच के दौरान सामने आए एक महंगे हीरे के हार का भी जिक्र किया और राहुल गांधी से इस पर जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि करीब 22 लाख रुपये का यह हार किसके पास था और इसे खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
हालांकि जांच एजेंसियों से संबंधित उपलब्ध विवरण के मुताबिक इस हीरे और सोने के हार को निलंबित IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से जुड़े कथित लेन-देन से जोड़ा गया है। CID ने आरोप लगाया है कि भर्ती घोटाले से प्राप्त कथित रकम का इस्तेमाल गंगवार की एक महिला मित्र के लिए हार खरीदने में किया गया। जांच में करीब 22 लाख रुपये मूल्य का हार बरामद होने की बात सामने आई है। सार्वजनिक जांच विवरण में इस हार का राहुल गांधी से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है।
ED ने अदालत में यह भी आरोप लगाया है कि बिचौलिए बसवराज कन्नाले ने गंगवार को करीब 1.30 करोड़ रुपये नकद दिए और आभूषणों की खरीद में भी रकम उपलब्ध कराई। एक अन्य जांच विवरण में हीरे के हार की कीमत लगभग 23 लाख रुपये बताई गई है। इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
पात्रा ने पूरे मामले को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी से राजनीतिक जवाबदेही की मांग की। उनके बयान को बीजेपी के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए। CID और ED की जांच फिलहाल अधिकारियों, बिचौलियों, उम्मीदवारों और कथित धन लेन-देन पर केंद्रित है।
KPSC भर्ती प्रक्रिया में केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि परीक्षा के बाद उम्मीदवारों की सूची में कथित हेरफेर और अंक संबंधी गड़बड़ियों की भी जांच चल रही है। हालिया जांच रिपोर्टों में संकेत मिला है कि भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में उम्मीदवारों से पैसे मांगने और चयन प्रभावित करने के प्रयास किए गए हो सकते हैं।
मामले में ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले को गिरफ्तार किया जा चुका है। CID और ED अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत जांच कर रही हैं। जांच में डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, कथित बेनामी खाते, उम्मीदवारों के बयान और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल KPSC भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और पैसे लेकर चयन कराने के आरोपों को लेकर जांच जारी है। संबित पात्रा ने इसी मामले को आधार बनाकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला किया है, जबकि जांच एजेंसियों की ओर से सामने आए तथ्यों में मुख्य रूप से तत्कालीन KPSC परीक्षा नियंत्रक, कथित बिचौलियों और कुछ उम्मीदवारों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
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