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फॉर्म 6 पर राहुल गांधी के दावे को पात्रा ने दी चुनौती
Ratna Netam
5 Oct 2026 9:52 PM IST

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची से जुड़े ‘फॉर्म 6’ और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर जनता के सामने भ्रामक दावे कर रहे हैं। पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और चुनाव आयोग के फैसले को लेकर राहुल गांधी की ओर से जो बातें कही जा रही हैं, वे वास्तविक स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं करतीं।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने मुख्य रूप से दो मुद्दों को लेकर लोगों को गुमराह करने वाले दावे किए हैं। पहला मुद्दा ‘फॉर्म 6’ की स्थिति से जुड़ा है, जबकि दूसरा बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के फैसले से संबंधित है।
संबित पात्रा ने ‘फॉर्म 6’ को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे गैर-कानूनी घोषित नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने केवल उस याचिका की जांच करने की बात कही है, जिसमें ‘फॉर्म 6’ में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया गया है। पात्रा के मुताबिक, अदालत की इस प्रक्रिया को किसी अंतिम फैसले के रूप में पेश करना सही नहीं है।
बीजेपी नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में किसी याचिका की जांच किए जाने और किसी प्रक्रिया या दस्तावेज को गैर-कानूनी घोषित किए जाने में बड़ा अंतर होता है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी इसी अंतर को नजरअंदाज करते हुए जनता के सामने ऐसा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
पात्रा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक नेताओं को तथ्यों के आधार पर ही बयान देना चाहिए। मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों का सीधा संबंध देश की चुनावी प्रक्रिया से होता है, इसलिए इन विषयों पर किसी भी टिप्पणी को सही संदर्भ में रखना जरूरी है।
बीजेपी प्रवक्ता ने बिहार में SIR को लेकर भी राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दूसरा मुद्दा इस बात से जुड़ा है कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर चुनाव आयोग का फैसला किस तरह लिया गया था। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस विषय पर भी जनता के सामने पूरी स्थिति पेश नहीं कर रहे हैं।
बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर पहले से राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष की ओर से इस प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, जबकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी-अपनी दलीलें सामने रखते रहे हैं। अब संबित पात्रा के ताजा बयान से ‘फॉर्म 6’ और SIR का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
पात्रा ने विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की व्याख्या को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर अदालत किसी याचिका में लगाए गए आरोपों की जांच करने की बात कहती है तो इसका अर्थ यह नहीं निकाला जा सकता कि अदालत ने पहले ही संबंधित प्रक्रिया को अवैध ठहरा दिया है। बीजेपी नेता के मुताबिक, न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस तरह का निष्कर्ष निकालना लोगों के बीच गलत धारणा पैदा कर सकता है।
दरअसल, मतदाता सूची से जुड़े विषय हाल के समय में राजनीतिक दलों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दा बने हुए हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। ऐसे में ‘फॉर्म 6’ और SIR जैसे विषय अब केवल प्रशासनिक या चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गए हैं।
संबित पात्रा के बयान में मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अदालत में चल रही प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसले को लेकर ऐसी व्याख्या कर रहे हैं, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है।
हालांकि, पात्रा के ये बयान बीजेपी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। ‘फॉर्म 6’ में कथित बदलाव से संबंधित मामले पर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक फैसलों से ही स्पष्ट होगी। इसी तरह बिहार में SIR को लेकर चुनाव आयोग के फैसले पर जारी राजनीतिक विवाद में भी अलग-अलग पक्षों की अपनी दलीलें हैं।
राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाता रहा है। दूसरी ओर बीजेपी इन आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष पर चुनावी संस्थाओं और प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाती रही है। संबित पात्रा का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की नई कड़ी के रूप में सामने आया है।
अब ‘फॉर्म 6’ और बिहार के SIR को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर सुप्रीम कोर्ट में संबंधित याचिका की जांच और चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम पर सभी पक्षों की नजर रहेगी। फिलहाल संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दावों को चुनौती देते हुए स्पष्ट किया है कि ‘फॉर्म 6’ को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गैर-कानूनी घोषित किए जाने की बात सही नहीं है और अदालत ने केवल इससे संबंधित आरोपों की जांच करने की बात कही है।
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