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NEET आंदोलन में अभिभावकों की आवाज, पिता बोले- न्याय जरूरी है

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी छात्र आंदोलन के बीच एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में देशभर से आए अभ्यर्थियों के साथ उनके अभिभावक भी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसी क्रम में अपनी बेटी का समर्थन करने पहुंचे एक बुजुर्ग पिता प्रदर्शन स्थल का माहौल देखकर भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे इस पिता ने कहा कि वह यहां किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपनी बेटी और देश के लाखों छात्रों के भविष्य की चिंता को लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि एक सामान्य परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों तक मेहनत करता है। माता-पिता अपनी जरूरतों को पीछे रखकर बच्चों की शिक्षा और सपनों को पूरा करने में जुटे रहते हैं।
भावुक पिता ने कहा कि जब कोई बच्चा दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो इसका असर सिर्फ छात्र पर नहीं बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत और उम्मीदों के बाद यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो अभिभावकों का भरोसा भी प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि उनके जैसे कई माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें मेहनत करने वाले हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिल सके। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों ने भी कहा कि उनके आंदोलन में अभिभावकों की भागीदारी उन्हें मजबूती देती है। छात्रों का कहना है कि माता-पिता ने अपनी मेहनत और त्याग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है, इसलिए जब उनके भविष्य पर सवाल खड़े होते हैं तो परिवार भी इस संघर्ष का हिस्सा बन जाता है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग दोहराई। उनका कहना है कि लाखों छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं और परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी उनके सपनों को प्रभावित कर सकती है।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना है। वे चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन में छात्रों के साथ अभिभावकों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि शिक्षा और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दे केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करते हैं।
बेटी के संघर्ष में साथ खड़े इस पिता की भावुक अपील ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता की यही इच्छा होती है कि उनके बच्चों की मेहनत को सही सम्मान मिले और उन्हें निष्पक्ष अवसर प्राप्त हो।





