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दिल्ली-एनसीआर
पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद, मुंबई से उड़ानें बढ़ाने की तैयारी में एअर इंडिया
nidhi
4 Nov 2026 6:26 AM IST

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मुंबई पर एअर इंडिया का फोकस
नई दिल्ली: एअर इंडिया अपने अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क में बदलाव की तैयारी कर रही है। टाटा समूह की एयरलाइन यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों का बड़ा हिस्सा मुंबई से संचालित करने की योजना बना रही है। दिल्ली से भी इन क्षेत्रों के लिए कुछ उड़ानें जारी रहेंगी, जबकि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में विस्तार के लिए एयरलाइन राष्ट्रीय राजधानी को अपना प्रमुख केंद्र बनाएगी। एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने मंगलवार, 3 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026’ सम्मेलन में इस रणनीति की जानकारी दी।
इस बदलाव की एक प्रमुख वजह पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदी है। अप्रैल 2025 से लागू प्रतिबंध के चलते एअर इंडिया को यूरोप और उत्तर अमेरिका जाने वाली कई उड़ानों के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े हैं। दिल्ली से पश्चिम की ओर जाने वाली सेवाओं पर इसका ज्यादा असर पड़ा है। उड़ान का समय बढ़ने से ईंधन की खपत और परिचालन लागत बढ़ती है। गेब्रेमरियम के मुताबिक, महंगा विमान ईंधन और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव विमानन उद्योग के सामने साझा चुनौतियां हैं, जबकि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र की पाबंदी एअर इंडिया के पश्चिम की ओर जाने वाले नेटवर्क पर अलग से दबाव डाल रही है।
नई योजना के तहत एयरलाइन दिल्ली और मुंबई के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का बंटवारा बदलेगी। मुंबई से यूरोप और अमेरिका की ओर अधिक उड़ान क्षमता उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। वहीं दिल्ली से जापान, चीन और हांगकांग समेत पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया के बाजारों में सेवाएं बढ़ाने की तैयारी है। सीईओ ने कहा कि पूर्व की ओर जाने वाले नेटवर्क पर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र की पाबंदी का वैसा असर नहीं पड़ा है। दिल्ली से यूरोप और अमेरिका के लिए कौन-सी सेवाएं जारी रहेंगी और मुंबई से किन शहरों के लिए उड़ानें बढ़ेंगी, इसका रूटवार विवरण सम्मेलन में सामने नहीं आया।
परिचालन दबाव का असर एयरलाइन के कार्यक्रम में पहले भी दिखा है। एअर इंडिया ने मई में जून से अगस्त 2026 के लिए चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में अस्थायी बदलाव घोषित किए थे। उस कार्यक्रम में मुंबई से नेवार्क की उड़ानें सप्ताह में तीन से बढ़ाकर सात करने का फैसला लिया गया था। इसी अवधि में दिल्ली से न्यूयॉर्क के जॉन एफ. केनेडी हवाई अड्डे के लिए दैनिक सेवा जारी रखने की बात कही गई थी। कंपनी ने उस समय कुछ यूरोपीय रूटों पर भी उड़ानों की संख्या घटाई थी। गेब्रेमरियम ने मंगलवार को बताया कि परिचालन चुनौतियों के चलते यूरोप के कुछ शहरों के लिए उड़ानों की संख्या कम की गई और शिकागो तथा वॉशिंगटन जैसी अमेरिकी मंजिलों की सेवाओं में कटौती हुई।
मुंबई में योजना का अमल हवाई अड्डे पर उपलब्ध स्लॉट और यात्रियों की मांग पर निर्भर करेगा। स्लॉट वह निर्धारित समय होता है जिसमें किसी विमान को उड़ान भरने या उतरने की अनुमति मिलती है। लंबी दूरी की उड़ान के लिए ऐसा समय मिलने से एयरलाइन को घरेलू सेवाओं के साथ बेहतर कनेक्शन बनाने में मदद मिल सकती है। विमानन विश्लेषक विलियम बोल्टर ने मिंट से कहा कि कुछ सेवाओं को मुंबई से चलाना व्यावहारिक हो सकता है। उन्होंने मुंबई में सीमित स्लॉट और टर्मिनल के पुनर्विकास को ऐसी परिस्थितियां बताया, जिनका प्रस्तावित बदलाव पर असर पड़ सकता है।
एअर इंडिया बेंगलुरु को भी तीसरे प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना तलाश रही है। कंपनी का लक्ष्य भारत आने-जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। इसके साथ ही वह भारत के हवाई अड्डों के जरिए आगे की उड़ान पकड़ने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ाना चाहती है। गेब्रेमरियम के अनुसार, ऐसे कनेक्टिंग यात्रियों का हिस्सा अभी एयरलाइन के कारोबार में करीब 10 प्रतिशत है। लंबी दूरी के विस्तार के लिए कंपनी अतिरिक्त वाइड-बॉडी विमानों के ऑर्डर पर भी विचार कर रही है। इन विमानों में केबिन के भीतर दो गलियारे होते हैं और एयरलाइन इनका इस्तेमाल लंबी दूरी की सेवाओं पर करती है। अतिरिक्त विमानों की संख्या या ऑर्डर की समयसीमा का खुलासा नहीं हुआ है। यात्रियों के लिए बदलाव का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि एयरलाइन किन मार्गों पर सीटें बढ़ाती है और उनका समय क्या रखती है। मुंबई से अधिक सेवाएं जुड़ने पर पश्चिमी भारत के यात्रियों को यूरोप और अमेरिका जाने के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं। दिल्ली से एशियाई सेवाओं का विस्तार होने पर राष्ट्रीय राजधानी के जरिए आगे की उड़ान लेने वाले यात्रियों के लिए भी नए विकल्प खुल सकते हैं। फिलहाल सीईओ ने नेटवर्क में बदलाव की दिशा बताई है। किन उड़ानों का प्रस्थान केंद्र बदलेगा, कितनी अतिरिक्त सेवाएं मिलेंगी और नया कार्यक्रम कब से लागू होगा, इसकी जानकारी रूटवार घोषणा से मिलेगी।
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