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विपक्ष ने संविधान संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार पर बोला हमला

DELHI दिल्ली: संविधान संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों ने विधेयक को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और इसकी कड़ी आलोचना की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और सत्ता हथियाने के लिए अनैतिक तरीकों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड, मिजोरम और मेघालय समेत कई राज्यों में भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया। सप्पल ने कहा कि सत्ता बनाए रखने के लिए भाजपा ने कभी-कभी झूठे मामले बनवाए और गिरफ्तारियां भी करवाई।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है और यह संवैधानिक मूल्यों व लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में लोगों की आवाज दबाई गई और देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। किसानों और गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र पर खतरा पैदा हो रहा है। नदवी ने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए कहा कि सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार मिलते हैं और इन्हें लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने असम में चल रहे बेदखली अभियान पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार का काम असहाय लोगों की मदद करना और उन्हें बसाना होना चाहिए, न कि उन्हें उजाड़ना। विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। नदवी ने जोर देकर कहा कि संविधान अपनाने का मूल उद्देश्य लोकतंत्र को बनाए रखना था और इसे लागू करना आज भी सरकार की जिम्मेदारी है।





