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दिल्ली में ऑनलाइन शराब बुकिंग ऐप को नहीं मिल रहे ग्राहक, एक साल बाद भी फीका रिस्पॉन्स

Kavita2
29 Oct 2026 9:34 AM IST
दिल्ली में ऑनलाइन शराब बुकिंग ऐप को नहीं मिल रहे ग्राहक, एक साल बाद भी फीका रिस्पॉन्स
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बुकिंग के लिए शुरू किया गया 'दिल्ली लिकर बुकिंग' ऐप एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद ग्राहकों के बीच खास लोकप्रिय नहीं हो सका है। इस ऐप के जरिए लोग घर बैठे अपनी पसंदीदा ब्रांड की शराब बुक कर सकते हैं, स्टॉक की जानकारी ले सकते हैं और डिजिटल भुगतान भी कर सकते हैं। हालांकि, इसकी सबसे बड़ी सीमा यह है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद शराब की होम डिलीवरी नहीं होती। ग्राहकों को खुद संबंधित दुकान पर जाकर अपनी बुक की गई शराब लेनी पड़ती है। अधिकारियों के मुताबिक, यही एक प्रमुख कारण है कि ऐप को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।

नवंबर 2025 में लॉन्च हुआ था शराब बुकिंग ऐप

दिल्ली राज्य औद्योगिक और आधारभूत ढांचा विकास निगम (DSIIDC) ने नवंबर 2025 में दिल्ली लिकर बुकिंग ऐप की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य शराब की सरकारी दुकानों पर भीड़ कम करना, बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और ग्राहकों को डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना था।

निगम के अधिकारियों के अनुसार, ऐप विकसित करने के प्रस्ताव को 12 दिसंबर 2024 को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 2 जनवरी 2025 को विकास कार्य का आदेश जारी किया गया।

शुरुआत में यह सुविधा केवल एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध थी। बाद में 6 सितंबर 2026 को आईफोन उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित माइक्रोसाइट शुरू की गई।

अधिकारियों का कहना है कि ऐप के जरिए ग्राहकों को शराब की उपलब्धता की जानकारी पहले ही मिल जाती है, जिससे उन्हें दुकान पर पहुंचने के बाद अपनी पसंद का ब्रांड उपलब्ध नहीं होने की समस्या से बचाया जा सकता है।

होम डिलीवरी नहीं होने से ग्राहकों की दिलचस्पी कम

ऐप की सबसे बड़ी सीमा शराब की होम डिलीवरी का विकल्प नहीं होना है। ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर और भुगतान कर सकते हैं, लेकिन उन्हें शराब लेने के लिए निर्धारित दुकान पर जाना अनिवार्य है।

ऑनलाइन बुकिंग के बाद ग्राहक को 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान से शराब प्राप्त करनी होती है। दुकान पर ऑर्डर की पुष्टि और क्यूआर कोड के सत्यापन के बाद शराब दी जाती है।

यही कारण है कि ऐप की सुविधा पूरी तरह घर बैठे खरीदारी जैसी नहीं है। हालांकि, इससे ग्राहकों को दुकान पर स्टॉक की जानकारी लेने और भुगतान करने में लगने वाला समय बच सकता है।

अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि अभी तक ऐप को ग्राहकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

पहले साल सिर्फ 13 लाख रुपये की शराब बिकी

DSIIDC की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऐप के माध्यम से कुल 3,629 लेनदेन हुए। इनसे लगभग 13 लाख रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई।

वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 10,730 लेनदेन के जरिए करीब 30 लाख रुपये की शराब बेची जा चुकी है।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि ऐप के इस्तेमाल में पहले के मुकाबले बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन दिल्ली में शराब की कुल खुदरा बिक्री के मुकाबले इसका दायरा अभी सीमित है।

रिपोर्टों के अनुसार, 28 अक्टूबर तक ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर पांच हजार से अधिक बार डाउनलोड किया गया था। उस समय इसकी रेटिंग 2.1 थी।

दिल्ली की केवल 208 दुकानों पर मिल रही सुविधा

राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी निगमों के माध्यम से 700 से अधिक खुदरा शराब दुकानें संचालित होती हैं।

इनमें DSIIDC के अलावा दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर भी शामिल हैं।

हालांकि, ऑनलाइन शराब बुकिंग की सुविधा फिलहाल केवल DSIIDC की 208 दुकानों तक सीमित है।

इसका मतलब है कि ग्राहक दिल्ली की प्रत्येक शराब दुकान से ऐप के जरिए खरीदारी नहीं कर सकते। उन्हें केवल उन दुकानों का चयन करना होगा जो इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में इस सुविधा के विस्तार का फैसला ग्राहकों की प्रतिक्रिया और इसके उपयोग के आधार पर किया जा सकता है।

ऑनलाइन बुकिंग के कई फायदे, स्टॉक भी देख सकते हैं ग्राहक

होम डिलीवरी नहीं होने के बावजूद इस ऐप में कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद का ब्रांड चुनने से पहले देख सकते हैं कि संबंधित दुकान पर वह उपलब्ध है या नहीं।

ऐप के माध्यम से बोतल का आकार, मात्रा और दुकान का चयन किया जा सकता है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान करने की सुविधा भी दी गई है।

ऑर्डर पूरा होने के बाद ग्राहक को बुकिंग की पुष्टि मिलती है और क्यूआर कोड जारी किया जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक, ऐप का एक प्रमुख उद्देश्य दुकानों पर 'ब्रांड पुशिंग' रोकना भी है। इसका अर्थ है कि ग्राहक अपनी पसंद के बजाय दुकानदार के सुझाव या दबाव में दूसरा ब्रांड खरीदने से बच सकें।

ऑनलाइन स्टॉक और कीमत की जानकारी से खरीदारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

25 साल से कम उम्र के लोग नहीं कर सकेंगे बुकिंग

दिल्ली में शराब खरीदने के लिए निर्धारित न्यूनतम कानूनी आयु 25 वर्ष है। इसलिए ऐप का उपयोग करने वाले ग्राहक को भी आयु संबंधी शर्त पूरी करनी होगी।

ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान ग्राहक को निर्धारित कानूनी आयु की पुष्टि करनी होती है।

आबकारी नियमों के अनुसार शराब रखने की निर्धारित मात्रा संबंधी सीमाएं भी लागू रहेंगी।

ग्राहक दुकान से शराब प्राप्त करने से पहले अपनी ऑनलाइन बुकिंग रद्द कर सकते हैं। हालांकि, शराब की खरीदारी पूरी होने और बोतल प्राप्त करने के बाद उसे लौटाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

शराब बुकिंग ऐप पर दिल्ली में सियासी विवाद भी शुरू

दिल्ली लिकर बुकिंग ऐप को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। आम आदमी पार्टी ने इस सुविधा पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार की आलोचना की है।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के बजाय शराब की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा पर ध्यान देने का आरोप लगाया।

वहीं भाजपा की ओर से कहा गया कि ऐप के विकास की मंजूरी पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में दी गई थी।

DSIIDC अधिकारियों ने भी बताया कि ऐप के विकास को दिसंबर 2024 में स्वीकृति मिली थी, जबकि इसे नवंबर 2025 में शुरू किया गया।

क्या भविष्य में मिलेगी शराब की होम डिलीवरी?

फिलहाल दिल्ली लिकर बुकिंग ऐप के माध्यम से शराब की होम डिलीवरी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। भविष्य में इसे शुरू करने के संबंध में भी कोई पुष्ट घोषणा सामने नहीं आई है।

सरकार और संबंधित निगम का जोर अभी ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान तथा दुकानों पर भीड़ कम करने पर है।

कुल मिलाकर, दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प तो उपलब्ध हो गया है, लेकिन ग्राहकों को शराब लेने के लिए दुकान जाना ही पड़ेगा। ऐसे में ऐप की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए उसकी उपयोगिता, उपलब्ध दुकानों की संख्या और ग्राहकों के अनुभव जैसे पहलू महत्वपूर्ण रहेंगे।

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