दिल्ली-एनसीआर

अब 5 साल का होगा Congress में AICC के पदाधिकारियों का कार्यकाल, उसके बाद 3 साल मिलेगा आराम

Renuka Sahu
10 May 2022 2:14 AM GMT
Now the tenure of AICC office bearers in Congress will be for 5 years, after that 3 years will be relaxed
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फाइल फोटो 

कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर में सोमवार को पार्टी के आगे की योजना को लेकर बात हुई.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कांग्रेस (Congress) पार्टी के चिंतन शिविर में सोमवार को पार्टी के आगे की योजना को लेकर बात हुई. सूत्रों के मुताबिक, चिंतन शिविर से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों से संबंधित कमेटी ने सुझाव दिया है कि अधिकतम पांच साल के कार्यकाल के बाद राष्ट्रीय और राज्य इकाइयों के पदाधिकारियों को आराम दिया जाना चाहिए.

कांग्रेस संगठन में बदलाव की सिफारिश
मुकुल वासनिक (Mukul Wasnik) की अध्यक्षता वाले कमेटी ने 'एक व्यक्ति, एक पद' के फार्मूले को अपनाने सहित संगठन में बदलाव के लिए कई सिफारिशें की हैं. कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने सोमवार को अपनी बैठक में सिफारिशों पर चर्चा की. इन सिफारिशों पर पार्टी के नेता 13 से 15 मई तक राजस्थान के उदयपुर में होने वाले 'चिंतन शिविर' में विचार करेंगे और अंतिम फैसला लेंगे. समिति ने सुझाव दिया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के सभी पदाधिकारियों का अधिकतम कार्यकाल पांच साल का होना चाहिए, इसके बाद उन्हें तीन साल का आराम दिया जाना चाहिए.
MSP के लिए गारंटी कानूनी पर हुई बात
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कृषि से संबंधित एक अन्य वर्किंग कमेटी ने सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए कानूनी गारंटी और निर्धारित दर से कम दाम पर फसल खरीदने वाले के लिए दंडनीय प्रावधान का सुझाव दिया. समिति ने सुझाव दिया है कि फसलों का एमएसपी स्वामीनाथन कमेटी के 'सी-2 फॉर्मूले' के अनुसार तय किया जाए. समिति ने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है. समिति ने किसानों के साथ परामर्श के बाद आयात शुल्क तय करने का आह्वान किया है.
इन मामलों के लिए अलग कमेटी गठित
पार्टी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के कल्याण, युवा मामलों, कृषि, संगठनात्मक मामलों, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने व सिफारिशें देने के लिए छह अलग-अलग समूहों का गठन किया है.
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