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Noida जेवर कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा, समन्वय पर जोर

Noida नोएडा : यमुना पुश्ता के किनारे नोएडा से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर तक प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे परियोजना को गति देने के लिए शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) ने की। इसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), परियोजना की परामर्शदाता संस्था एम/एस एसएमईसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल), उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण तथा यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक के दौरान एनएचएआई के कंसल्टेंट ने जानकारी दी कि प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे को डीएनडी (दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट) से शुरू करते हुए ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज (चाई-4) तक जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच तेज, सुगम और निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रस्तावित मार्ग का सर्वेक्षण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सहमति से किया जाएगा, जबकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य यीडा की अनुमति से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे परियोजना की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।इसके साथ ही सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को शीघ्र अंतिम रूप दिया जा सके और आगे की औपचारिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
बैठक में नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने भी प्रस्तावित संरेखण (एलाइनमेंट) पर अपनी सहमति व्यक्त की, जिसे परियोजना के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।इस एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजना माना जा रहा है। इसके निर्माण से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेस-वे और आसपास के औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों तक आवागमन और अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।





