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Noida: सीटू ने नोएडा में किया जन-जागरण, राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का पड़ेगा असर

Admindelhi1
13 May 2025 4:55 PM IST
Noida: सीटू ने नोएडा में किया जन-जागरण, राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का पड़ेगा असर
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सीटू ने किया जन-जागरण

नोएडा: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र क्षेत्रीय संगठनों के संयुक्त मंच ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल का असर नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा की भी औद्योगिक इकाई पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। यह हड़ताल निजीकरण, श्रम संहिताओं और अन्य मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू द्वारा व्यापक स्तर पर नुक्कड़ नाटक व सभाओं का आयोजन कर मजदूरों को हड़ताल में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मजदूरों से संबंधित चार श्रम संहिताओं को रद्द कराने के लिए 20 मई 2025 को होने जा रही राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल को जनपद गौतमबुद्व नगर में सफल बनाने के लिए सीटू ने आज दिल्ली जन नाट्य मंच के कलाकारों के साथ गांव बरौला सेक्टर-49 व झुग्गी बस्ती सेक्टर-50 नोएडा सहित कई स्थानों पर वरिष्ठ कलाकार माला हाशमी के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक एका का मंचन करते हुए हड़ताल को सफल बनाने की अपील मेहनतकश लोगों से की।

इस दौरान हुई नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार देश के मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए उद्योगपतियों के पक्ष में खड़ी हो गई है। यह हड़ताल मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और मेहनतकश जनता के हितों के लिए हानिकारक नीतियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। उन्होंने कहा कि तमाम संघर्षों और कुर्बानियों से हासिल किए गए 44 श्रम कानूनों में से 29 कानूनों को समाप्त कर केन्द्र सरकार चार श्रम संहिताएं लेकर आई हैं, और चारों श्रम संहिताओं को लागू करने पर आमदा है। उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं के लागू होने के उपरांत उद्योगपतियों को मजदूरों के शोषण और दमन का अनुकूल वैधानिक अधिकार मिल जाएगा।

चारों श्रम संहिताओं के बनते ही मालिकों को मजदूरों से 12 घंटे तक काम लेने का अधिकार बिना ओवर टाइम भुगतान किए मिल जाएगा। निश्चित अवधि की भर्ती के तहत किसी भी श्रमिक को स्थाई श्रमिक घोषित नहीं किया जाएगा और श्रमिकगण हायर एंड फायर की नीति के तहत आते-जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण प्रक्रिया जटिल कर दिए जाने के कारण ट्रेड यूनियन पंजीकरण लगभग असंभव हो जाएगा। ट्रेड यूनियन नहीं होने के कारण मजदूरों को प्राप्त सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन समझौता के तहत बढ़ने वाले वेतन और सुविधाओं में सुधार से उद्योगपतियों को छूट मिल जाएगी और मजदूरों पर दमन-शोषण करने का रास्ता मिल जाएगा। देश के संपदा उत्पादक मजदूर वर्ग को आजाद भारत में गुलामों जैसी जिंदगी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा मेहनतकशों के सामने 20 मई की हड़ताल पर जाने और बड़ा आंदोलन खड़े करने के सिवा अब कोई विकल्प शेष नहीं है। इसलिए सभी मजदूर साथी हड़ताल की जोरदार तैयारी में जुट जाएं। नुक्कड़ सभा को सीटू नेता रामस्वारथ, राजकरण सिंह, धर्मपाल चौहान, जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान, गुड़िया देवी, पिंकी सहित अन्य मजदूर नेताओं ने भी संबोधित किया।

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