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Noida: बीएचईएल द्वारा कर्मचारियों की छंटनी, सीटू का जोरदार विरोध प्रदर्शन

Admindelhi1
6 May 2025 7:09 PM IST
Noida: बीएचईएल द्वारा कर्मचारियों की छंटनी, सीटू का जोरदार विरोध प्रदर्शन
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"कंपनी के गेट पर 14 दिन से धरना"

नोएडा: भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) नामक कंपनी से लगभग 18 कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ कर्मचारी सीटू के बैनरतले सेक्टर-16ए फिल्म सिटी स्थित कंपनी के गेट पर 14 दिन से धरना दे रहे हैं। धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर कंपनी प्रबंधन के अलावा श्रम विभाग भी अनदेखा कर रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली विधिक सुविधाओं की मांग करने पर गैर कानूनी तरीके से सुरेंद्र सिरसवल, रणजीत सिंह चैटाला, मनमोहन सागर, प्रदीप कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार (पर्यवेक्षक), उत्तम राहा, कृष्णपाल, शालू, सुजाता, बीना, वंदना हलदर, सोनी, गुलाबो, गुड्डी, रतन दास, गिरीश व अमर नामक कर्मचारियों को बीते दिनों नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ मैसर्स भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड प्लॉट नंबर- 25, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी नोएडा के मुख्य गेट के समक्ष सीटू के बैनर तले श्रमिकों का धरना 14 वें दिन भी जोर-शोर से जारी है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना-प्रदर्शन के दौरान सीटू जिला महासचिव रामसागर, सचिव रामस्वारथ, यूनियन नेता रंजीत सिंह आदि ने संबोधित किया। सीटू जिलाध्यक्ष ने बताया कि धरना स्थल पर 8 मई 2 को एक बड़ी पंचायत की जाएगी। जिसमें आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी। उक्त पंचायत को जनपद के विभिन्न मजदूर व किसान संगठनों, जनवादी महिला समिति एवं सीटू के राष्ट्रीय व राज्य कमेटी के नेता संबोधित करेंगे।

बता दें कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड लगभग 18 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ एवं अन्य श्रम समस्याओं पर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय श्रम आयुक्त केंद्रीय सेक्टर-62 नोएडा कार्यालय पर 2 मई 2025 को त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। समस्याओं के संबंध में आम सहमति न बनने पर वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। बताया जाता है कि कंपनी प्रबंधकों ने यूनियन और क्षेत्रीय श्रमायुक्त केंद्रीय द्वारा दिए गए सुझावों को मानने से इनकार कर दिया था। जिस कारण वार्ता विफल हो गई।

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