
नोएडा: प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने औद्योगिक भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. साथ ही, साक्षात्कार के जरिये हाल ही में, जो आवंटन हुए हैं, उनकी रिपोर्ट तलब की है. आवंटन प्रक्रिया और भूखंड पाने वाले औद्योगिक संस्थानों के नाम भी मांगे हैं. मंत्री के इस आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण …
नोएडा: प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने औद्योगिक भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. साथ ही, साक्षात्कार के जरिये हाल ही में, जो आवंटन हुए हैं, उनकी रिपोर्ट तलब की है. आवंटन प्रक्रिया और भूखंड पाने वाले औद्योगिक संस्थानों के नाम भी मांगे हैं. मंत्री के इस आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंडों की योजना खतरे में पड़ गई है.
अब प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को पत्र जारी किया है. इसमें औद्योगिक भूखंडों की आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि साक्षात्कार के जरिये आवंटन नीति पर मुख्यमंत्री का आदेश-मार्गदर्शन लिया जाना था, लेकिन बिना इसके आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी गई. नंदी ने कहा कि कई औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उनसे मिले और आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बताया. इसमें सुधार की जरूरत है.
अब सिर्फ नीलामी से आवंटन होगा औद्योगिक विकास मंत्री ने औद्योगिक विकास आयुक्त से कहा है कि साक्षात्कार के जरिये अब भूखंडों का आवंटन किया गया. किस-किस औद्योगिक संस्था को भूखंड दिए गए, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है. इस आवंटन की प्रक्रिया, प्रगति एवं सुझाव को संकलित कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजी जानी है ताकि मार्गदर्शन मिल सके. यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बिना अभी सिर्फ नीलामी के जरिये आवंटन किया जाए. उन्होंने कहा कि साक्षात्कार के जरिये आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी है, लेकिन अभी तक इसमें मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन नहीं मिला है.
नोएडा प्राधिकरण ने 21 नवंबर 2023 को 14 औद्योगिक भूखंडों की योजना निकाली थी. भूखंड आवंटित करने के लिए नौ को सेक्टर-18 में साक्षात्कार की प्रक्रिया की गई थी. साक्षात्कार प्रक्रिया में स्वयं औद्योगिक विकास आयुक्त शामिल थे. इसमें 11 भूखंडों का आवंटन किया गया था.





