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दिल्ली में रात 12 बजे से “नो पीयूसी, नो फ्यूल”, बिना सर्टिफिकेट ईंधन नहीं

SHIDDHANT
18 Dec 2025 12:12 AM IST
दिल्ली में रात 12 बजे से “नो पीयूसी, नो फ्यूल”, बिना सर्टिफिकेट ईंधन नहीं
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Delhi दिल्ली: सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक सख्त कदम उठाते हुए आज रात 12 बजे से लागू होने वाले “नो पीयूसी, नो फ्यूल” नियम को जोर-शोर से लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) वाली सभी गाड़ियों को पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं मिलेगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को पेट्रोल पंप संचालकों, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि नियम के पहले दिन से ही पूरी कड़ाई से पालन कराया जाए। मंत्री ने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन मालिक या पंप डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एनफोर्समेंट प्लान के तहत, दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली के बाहर पंजीकृत नॉन-बीएस-6 वाहन भी शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि 126 चेकपॉइंट्स पर 580 पुलिसकर्मी तैनात होंगे और इनकी मदद के लिए 37 विशेष वैन भी रखी गई हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग की एनफोर्समेंट टीमें भी पेट्रोल पंपों और शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों पर मौजूद रहेंगी। नियम लागू होने से पहले ही राजधानी के विभिन्न हिस्सों में वाहन मालिक अपने
पॉल्यूशन
सर्टिफिकेट बनवाने और अपडेट करने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर इसके वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग लंबी कतारों में खड़े सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया में दिख रहे हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने चेताया कि वाहन मालिकों को अपने वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट अपडेट कराना अनिवार्य है और पेट्रोल पंप पर बहस या झगड़ा न करें। उन्होंने कहा, “दिल्ली की हवा को साफ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। हर नागरिक सुनिश्चित करें कि उनका वाहन वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के साथ ही चले। सरकार ने इसके अलावा गूगल मैप्स के सहयोग से एक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम बनाने की योजना भी बनाई है। इसके तहत कम से कम 100 ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे। कारपूलिंग को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए मोबाइल ऐप लाने पर विचार किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने स्थायी गड्ढा निगरानी प्रणाली शुरू की है, ताकि सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही एक स्वतंत्र एजेंसी पूरे साल प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी करेगी। इस अभियान से दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, वाहनों से होने वाले धुआं और ठोस प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आईएमडी ने भी चेतावनी दी है कि सर्दियों में विजिबिलिटी कम होने और कोहरे के कारण सड़क व हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। दिल्ली में पहले ही पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है और वाहन मालिक पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगे हैं। सरकार का कहना है कि यह नियम केवल प्रदूषण नियंत्रण के लिए है और इसे समय पर लागू करना सभी नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। नियम लागू होने के पहले दिन राजधानी में वाहन मालिकों और पेट्रोल पंपों के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सख्त निगरानी और नियम पालन से दिल्ली की हवा को साफ रखना संभव होगा।
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