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भारत-अमेरिका रिश्तों में कोई कमी नहीं, जल्द ट्रेड डील की उम्मीद: Marco Rubio

Kavita2
24 May 2026 3:14 PM IST
भारत-अमेरिका रिश्तों में कोई कमी नहीं, जल्द ट्रेड डील की उम्मीद: Marco Rubio
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Delhi दिल्ली: अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बातचीत के बाद भारत और वॉशिंगटन के बीच संबंधों में किसी तरह की गिरावट नहीं आई है। उन्होंने साफ कहा कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं और आने वाले समय में और अधिक सुदृढ़ होंगे।

रुबियो ने कहा, “भारत-US रिश्तों में कोई कमी नहीं आई है… आने वाले सालों में भारत-US रिश्ते और भी मजबूत होंगे।” उनके इस बयान को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित ट्रेड डील जल्द ही पूरी हो सकती है। उनके अनुसार, दोनों देश कई वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं और “रणनीतिक रूप से एक साथ” काम कर रहे हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर दोनों देशों का फोकस बना हुआ है।

दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में वेस्ट एशिया में जारी तनाव सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और वैश्विक व्यापार व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार साझा किए।

इस बातचीत के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार संवाद जारी रहता है और दोनों देशों की साझेदारी साझा हितों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जयशंकर ने यह भी दोहराया कि भारत “बिना रुकावट” वाले समुद्री व्यापार का समर्थन करता है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुद्री मार्गों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर कई चुनौतियां सामने हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच इस तरह की उच्च स्तरीय बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है। खासकर ट्रेड डील और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में आने वाले समय में ठोस प्रगति की संभावना बढ़ गई है।

कुल मिलाकर, इस बैठक और दोनों नेताओं के बयानों से यह संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों के बीच मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

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