- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- नालागढ़ पुलिस स्टेशन...
दिल्ली-एनसीआर
नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट केस में NIA का एक्शन
Ratna Netam
25 Sept 2026 7:30 PM IST

x
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में इस साल जनवरी में हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को मामले से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरमन हैरी और जशन सैनी के रूप में हुई है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में NIA द्वारा अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।NIA के अनुसार यह मामला 1 जनवरी 2026 को हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में हुए IED विस्फोट से जुड़ा है। घटना सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर हुई थी। विस्फोट पुलिस स्टेशन के अंदर जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई।
जांच एजेंसी का कहना है कि हरमन हैरी और जशन सैनी को इस घटना के पीछे कथित साजिश की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर NIA आगे की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट की योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अलग-अलग आरोपियों की कथित भूमिका क्या रही।इस मामले में NIA पहले भी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दो नई गिरफ्तारियों के साथ एजेंसी की हिरासत में लिए गए कुल आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। जांच में सामने आए तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी मामले से जुड़े लोगों की कथित भूमिकाओं की पड़ताल कर रही है।
1 जनवरी की सुबह नालागढ़ पुलिस स्टेशन के पास हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था। पुलिस स्टेशन जैसे संवेदनशील परिसर को निशाना बनाए जाने के कारण मामले को गंभीर सुरक्षा घटना के रूप में देखा गया। विस्फोट जांच अधिकारी के कमरे से लगी बाहरी दीवार के पास हुआ था। इसके बाद घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए और विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री की जांच शुरू की गई।IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस ऐसा विस्फोटक उपकरण होता है जिसे अलग-अलग तरह की विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरणों को मिलाकर तैयार किया जा सकता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां विस्फोटक के प्रकार, उसे तैयार करने की तकनीक, उपकरण को घटनास्थल तक पहुंचाने के तरीके और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच करती हैं।
नालागढ़ मामले में भी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कथित साजिश की पूरी कड़ी का पता लगाना है। NIA गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े संपर्कों और अन्य संभावित सुरागों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना को अंजाम देने की योजना कैसे तैयार हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।हरमन हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी इसी जांच की अगली कड़ी बताई गई है। एजेंसी ने दोनों को मामले में आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। हालांकि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
इससे पहले गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के संबंध में भी एजेंसी अलग-अलग स्तर पर जांच आगे बढ़ा चुकी है। मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी से यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी घटना से जुड़े कथित नेटवर्क और उसकी पूरी कड़ी को खंगालने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।नालागढ़ हिमाचल प्रदेश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पुलिस स्टेशन परिसर में IED विस्फोट जैसी घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में जांच की और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े संभावित सुरागों की पड़ताल शुरू की थी।
ऐसे मामलों में NIA आम तौर पर डिजिटल साक्ष्य, संचार रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के आपसी संपर्कों जैसे पहलुओं की जांच करती है। हालांकि नालागढ़ मामले में जांच से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर सामने लाई गई जानकारी के आधार पर ही आरोपियों की कथित भूमिका को देखा जा रहा है।IED विस्फोट की घटनाओं में फॉरेंसिक जांच भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटनास्थल से मिले अवशेषों की जांच से विस्फोटक की प्रकृति और उसे तैयार करने में इस्तेमाल किए गए घटकों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इसके आधार पर जांच एजेंसियां घटना के पीछे मौजूद लोगों या संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करती हैं।
NIA की ताजा कार्रवाई से इस मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जनवरी में हुई घटना के बाद से एजेंसी लगातार साजिश से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अब हरमन हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ने की संभावना है।एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित साजिश की योजना कहां और कैसे बनाई गई थी। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि IED तैयार करने, उसे घटनास्थल तक पहुंचाने और विस्फोट को अंजाम देने में किसकी क्या भूमिका थी।
मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद जांच अभी जारी है। ऐसे में आगे और लोगों की भूमिका सामने आती है या नहीं, यह जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा। NIA ने फिलहाल दो नई गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।नालागढ़ पुलिस स्टेशन में 1 जनवरी को हुए IED विस्फोट से शुरू हुई जांच अब कई आरोपियों तक पहुंच चुकी है। शुक्रवार को हरमन हैरी और जशन सैनी की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई है। अब NIA की जांच का फोकस कथित साजिश की पूरी कड़ी, आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिकाओं और घटना से जुड़े अन्य संभावित लोगों का पता लगाने पर है।
Next Story





