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दिल्ली-एनसीआर
एनआईए ने 2025 के विस्फोटक मामले में मुख्य आरोपी अबू बकर सिद्दीकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
SHIDDHANT
6 Feb 2026 9:57 PM IST

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New Delhi/Amravati नई दिल्ली/अमरावती। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के 2025 विस्फोटक बरामदगी मामले में मुख्य आरोपी शेख अमानुल्लाह उर्फ अबू बकर सिद्दीकी के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। यह मामला काफी गंभीर है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके पास आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक और हथियार बरामद हुए थे। एनआईए ने विजयवाड़ा की स्पेशल एनआईए कोर्ट में यह चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि अबू बकर सिद्दीकी 1999 से फरार था और तमिलनाडु में कई आपराधिक मामलों में वांछित था। वह आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के रायचोटी शहर में शेख अमानुल्लाह के फर्जी नाम से फर्जी दस्तावेजों के साथ छिपकर रह रहा था।
तमिलनाडु पुलिस ने 1 जुलाई 2025 को उसे गिरफ्तार किया था, जब उसकी असली पहचान अबू बकर सिद्दीकी के रूप में हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में आंध्र प्रदेश पुलिस ने विस्फोटक जब्ती के इस मामले में उसे गिरफ्तार किया। बाद में एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और इसे आरसी-17/2025/एनआईए/डीएलआई के रूप में रजिस्टर किया। एनआईए की जांच से पता चला कि आरोपी के पास अवैध विस्फोटक पदार्थ और प्रतिबंधित हथियार थे, जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होने वाला था। वह आतंकी हमलों की तैयारी कर रहा था। गिरफ्तारी के समय वह विभिन्न लक्ष्यों का चयन कर रहा था, साथ ही युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, उन्हें भर्ती करने और आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने का प्रशिक्षण देने में लगा हुआ था।
आरोपी तमिलनाडु में कुल 14 आपराधिक मामलों में वांछित था। इनमें 1995 में पार्सल बम भेजने का मामला, 1999 में राज्य के तीन शहरों में पांच स्थानों पर बम विस्फोट, 1999 में ट्रेन में अवैध विस्फोटक ले जाना, 30 साल की अवधि में विभिन्न आतंकी घटनाओं में फरार लोगों को पनाह देना, 2011 में एक प्रमुख नेता की रथ यात्रा के दौरान बम लगाने की कोशिश, और 2012-13 के दौरान कई राजनीतिक नेताओं की हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वह प्रतिबंधित संगठन 'अल उम्माह' से जुड़ा हुआ था, जिसके सदस्यों के साथ मिलकर वह दक्षिण भारत में कई हमलों में शामिल रहा।
रायचोटी में उसके घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक, आईईडी सामग्री, आतंकी साहित्य और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। यह गिरफ्तारी और चार्जशीट आतंकवाद विरोधी एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय का नतीजा है, जिससे एक बड़े आतंकी नेटवर्क को नाकाम किया गया। एनआईए ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखी है और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
यह घटना देश में छिपे हुए आतंकी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मिसाल है, जो दशकों से फरार रहकर नई साजिशें रच रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि किसी भी आतंकी गतिविधि को अंजाम न मिल सके।
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