- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- दिल्ली में प्रदूषण...
दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में प्रदूषण जांच सुविधाओं पर एनजीटी सख्त, मांगी पूरी रिपोर्ट
Kiran
17 Oct 2026 9:55 AM IST

x
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के सदस्य सचिव को निर्देश दिया कि वे ट्रिब्यूनल के सामने वर्चुअली पेश हों और गाजीपुर लैंडफिल में लगी आग के मामले में अपनी प्रयोगशाला की स्थिति और वहां उपलब्ध टेस्टिंग उपकरणों के बारे में जानकारी दें।
न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की बेंच एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान, DPCC की ओर से पेश वकील ने बताया कि उनके पास भूजल (ग्राउंडवाटर) की जांच के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर एक टेंडर जारी किया गया है और उपकरण मिलने के बाद जांच का काम शुरू किया जाएगा।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि DPCC के पास पूरी तरह से सुसज्जित प्रयोगशाला होनी चाहिए। ट्रिब्यूनल ने सदस्य सचिव को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई में वर्चुअली पेश हों और प्रयोगशाला की स्थिति तथा वहां उपलब्ध उपकरणों के बारे में जानकारी दें।
अपने पिछले आदेश में, ट्रिब्यूनल ने DPCC को निर्देश दिया था कि वे 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016' की अनुसूची II के खंड (E) के अनुसार भूजल के नमूने (सैंपल) इकट्ठा करें और उनका विश्लेषण करें। इन निर्देशों के तहत, गाजीपुर लैंडफिल साइट के आसपास एक तय दायरे (जो बाद में 1.5 किलोमीटर के दायरे तक बढ़ाया गया) में कम से कम 20 अलग-अलग जगहों से नमूने लेने थे और उनकी विश्लेषण रिपोर्ट NGT के सामने पेश करनी थी।
चूंकि पिछली सुनवाई में DPCC की ओर से कोई उपस्थित नहीं था, इसलिए ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया था कि आदेश की एक प्रति DPCC के सदस्य सचिव को भेजी जाए ताकि वे इसका पालन कर सकें। मौजूदा सुनवाई के दौरान, दिल्ली नगर निगम (MCD) के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि उन्हें इस मामले में एक दिन पहले ही नियुक्त किया गया है। उन्होंने संबंधित दस्तावेज जुटाने और मामले की तैयारी के लिए कुछ समय मांगा।
Next Story





