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‘वोट चोरी’ के खिलाफ INDIA गठबंधन की अगली रणनीति तैयार, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए मांगा समय

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन ने विरोध तेज करने की तैयारी की है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के सांसद शुक्रवार को दोपहर 3 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। इसके बाद वे विरोध प्रदर्शन के अगले कदम पर फैसला ले सकते हैं। गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा है और फिलहाल राष्ट्रपति भवन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यदि राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिलता है, तो विपक्षी दल आगे की रणनीति के सभी विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। संभावित प्रदर्शन स्थलों में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति निवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के आवास शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी कहा है कि INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति से मुलाकात का अनुरोध किया है और राष्ट्रपति भवन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। विपक्षी दलों का कहना है कि वे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते हैं।
शुक्रवार की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में होने वाली बैठक में विपक्षी सांसद आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। बैठक दोपहर 3 बजे प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग और प्रदर्शन के अगले चरण को लेकर चर्चा हो सकती है।
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए पहले 2 अक्टूबर को अनुरोध भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, 5 अक्टूबर को नेताओं के नामों के साथ दोबारा अनुरोध भेजा गया था। विपक्ष ने 7, 8 या 9 अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन गुरुवार तक उसे जवाब नहीं मिला था।
वेणुगोपाल ने कहा था कि गठबंधन राष्ट्रपति भवन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि राष्ट्रपति के सामने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को रखने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के लिए कई स्थानों पर विचार
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलने की स्थिति में INDIA गठबंधन विरोध प्रदर्शन के अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। संभावित स्थानों में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति निवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के आवास शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इन स्थानों में से किसी को अंतिम प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। दोनों मौकों पर पुलिस की रोक और प्रतिबंधों के कारण उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने अपनी रणनीति बदली और गुरुवार को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
SIR और मतदाता सूची पर जारी है विवाद
विपक्ष का प्रमुख आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने के दौरान गड़बड़ियों की आशंका है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया को आवश्यक बताता रहा है। आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि उसके निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। इस प्रकार, SIR के उद्देश्य और उसके क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।
चौथे दिन भी जारी रह सकता है विरोध
शुक्रवार का प्रस्तावित कार्यक्रम विपक्षी गठबंधन के लगातार चौथे दिन के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हो सकता है। पहले चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की कोशिश, फिर जंतर-मंतर और उसके बाद राजघाट पर प्रदर्शन के जरिए विपक्ष अपनी मांगों को लगातार उठा रहा है। अब गठबंधन की नजर राष्ट्रपति से मुलाकात की अनुमति और शुक्रवार को होने वाली बैठक के निर्णयों पर है।
फिलहाल, राष्ट्रपति भवन की ओर से मुलाकात के अनुरोध पर प्रतिक्रिया मिलने की प्रतीक्षा है। शुक्रवार को दोपहर 3 बजे होने वाली बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि विपक्षी दल आगे किस स्थान पर और किस रूप में प्रदर्शन करेंगे। सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति निवास और शीर्ष नेताओं के आवासों को लेकर सामने आई जानकारी अभी संभावित विकल्पों तक सीमित है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन का विरोध जारी है, जबकि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR की प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज बनी हुई है। आने वाले कदम इस बात पर निर्भर करेंगे कि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिलता है या नहीं और विपक्षी सांसद अपनी बैठक में किस रणनीति पर सहमति बनाते हैं।





