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भारत-उज्बेकिस्तान सहयोग को नई रफ्तार, माइनिंग से IT तक बढ़ेंगे रिश्ते

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच माइनिंग सेक्टर, विशेष रूप से रेयर अर्थ मिनरल्स, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत किया जा सकता है।
उज्बेकिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओदिलोविच ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों, आपसी सहयोग और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने मुलाकात के दौरान कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध भी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी की नींव सदियों पुराने संपर्कों और प्राचीन व्यापारिक मार्गों से जुड़ी हुई है।
प्राचीन संबंधों से मजबूत हुई साझेदारी
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों में साझा इतिहास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और विचारों का आदान-प्रदान प्राचीन समय से होता आया है। ऐतिहासिक व्यापारिक मार्गों ने दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि वास्तुकला, भाषा, खान-पान, संगीत और धार्मिक परंपराओं में दिखाई देने वाली साझा विरासत दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। यही सांस्कृतिक जुड़ाव वर्तमान समय में भारत और उज्बेकिस्तान की मित्रता को और मजबूती प्रदान कर रहा है।
आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने विशेष रूप से खनन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का उल्लेख किया। रेयर अर्थ मिनरल्स आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसके अलावा कृषि क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच अनुभव और तकनीक साझा करने की संभावनाएं हैं। भारत कृषि के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव और तकनीकी क्षमताओं के माध्यम से उज्बेकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ा सकता है।
फार्मास्यूटिकल्स और आईटी सेक्टर को लेकर भी राष्ट्रपति ने संभावनाओं पर चर्चा की। भारत का फार्मा उद्योग दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी भारत की विशेषज्ञता वैश्विक स्तर पर जानी जाती है। इन क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचा सकता है।
सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता
राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि साझा विरासत दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर आपसी संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संपर्क रहे हैं। उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति, योग, संगीत और फिल्मों के प्रति लोगों की रुचि भी दोनों देशों के बीच जनस्तर पर संबंधों को मजबूत करती है।
विदेश मंत्री सैदोव ने की मुलाकात
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओदिलोविच की राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत और उज्बेकिस्तान मध्य एशिया क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए भी अहम माने जाते हैं।
भविष्य की साझेदारी के लिए नए अवसर
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान आने वाले समय में दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। खनिज संसाधनों, कृषि तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल क्षेत्र और नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी से विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह संदेश दोनों देशों के बीच मजबूत होती दोस्ती और व्यापक सहयोग की दिशा को दर्शाता है। ऐतिहासिक रिश्तों की मजबूत नींव पर आधारित भारत-उज्बेकिस्तान संबंध अब आर्थिक और तकनीकी साझेदारी के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।





