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BRICS को 'नई गति': भारत के नेतृत्व और प्रयासों की घोषणापत्र में तारीफ
Tara Tandi
12 Sept 2026 6:55 PM IST

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नई दिल्ली: ब्रिक्स सदस्य देशों द्वारा अपनाए गए 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के 'आउटरीच/ब्रिक्स प्लस डायलॉग' हिस्से की मेजबानी करने के लिए भारत की सराहना की गई। इसमें कहा गया कि भारत की अध्यक्षता ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता को मजबूत करने के लिए "नई गति" प्रदान की है।
'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) की थीम पर आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए मिले ब्रिक्स देशों के नेताओं ने आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति की ब्रिक्स भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणापत्र में कहा गया, "हम 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' की थीम के तहत 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना करते हैं। यह एक संतुलित, व्यावहारिक, कार्रवाई-योग्य, समावेशी, विकास-उन्मुख और जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आम चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम विषयगत प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाने, विशेष रूप से क्षमताओं को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और सतत विकास और लचीलेपन को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।"
इसमें आगे कहा गया, "हम ब्रिक्स सहयोग ढांचे के तहत भारत भर के तीस शहरों में मंत्रियों, सांसदों, एजेंसियों के प्रमुखों, अधिकारियों, विशेषज्ञों, व्यवसायों और लोगों के स्तर पर चार सौ से अधिक बैठकों और कार्यक्रमों के आयोजन का स्वागत करते हैं, जिन्होंने ब्रिक्स रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में योगदान दिया है। हम सामूहिक लचीलेपन को बढ़ाने, नवाचार-संचालित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, सतत विकास को आगे बढ़ाने, लोगों के बीच आदान-प्रदान को गहरा करने और वैश्विक शासन में बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए ब्रिक्स की आवाज को बुलंद करने में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं।"
नई दिल्ली घोषणापत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि ब्रिक्स के दो दशकों के अनुभव के आधार पर, सदस्य देश राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच सहयोग के तीन स्तंभों के तहत विस्तारित ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, वे शांति, अधिक प्रतिनिधित्व वाली और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, एक पुनर्जीवित और सुधारित बहुपक्षीय प्रणाली, सतत विकास और समावेशी विकास को बढ़ावा देकर अपने लोगों के लाभ के लिए रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
नई दिल्ली में भारत मंडपम में भारत द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन ब्रिक्स देशों का एक संयुक्त बयान पर आम सहमति तक पहुँचना एक "बड़ी राजनयिक उपलब्धि" माना जा रहा है, खासकर विभिन्न देशों के बीच भू-राजनीतिक स्थितियों में भारी अंतर को देखते हुए। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह 4 बजे तक लगातार बातचीत और गहन चर्चा की, ताकि अलग-अलग विचारों के बीच तालमेल बिठाया जा सके और सदस्यों के बीच आम सहमति बनाई जा सके।
घोषणापत्र में आगे कहा गया, "हम ब्रिक्स सहयोग में सहयोगी देशों के अहम योगदान को मानते हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि उभरते बाजारों और विकासशील देशों (EMDCs) के साथ ब्रिक्स की साझेदारी को आगे बढ़ाने से एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को और मजबूती मिलेगी, जिससे सभी को फायदा होगा। हम सहयोगी देशों के साथ समावेशी, आपसी फायदे वाली और विकास-केंद्रित साझेदारी को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम ब्रिक्स की गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी और साझा हितों वाले क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं।"
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