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New Delhi: एसडीआरएफ से दिल्ली में आपदा राहत-बचाव व्यवस्था होगी मजबूत

Admindelhi1
10 Sept 2026 8:11 PM IST
New Delhi: एसडीआरएफ से दिल्ली में आपदा राहत-बचाव व्यवस्था होगी मजबूत
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आपदा के समय तेजी से होंगे राहत-बचाव कार्य, एसडीआरएफ गठित

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार अब अपनी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का गठन करेगी। इससे आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ बल को घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचाने, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

एसडीआरएफ के गठन के साथ ही दिल्ली सरकार अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिलाएगी ताकि आपदा की स्थिति में उपलब्ध स्थानीय मानव संसाधन आवश्यक कौशल और बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान दे सकें।

इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनडीआरएफ अधिकारियों ने दिल्ली में एसडीआरएफ के गठन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली में एसडीआरएफ 1100 जवान के बटालियन का गठन किया जा सकता है। यह बटालियन राज्य सरकार के अधीन कार्य करेगी और उसके आदेश पर आपदा की स्थिति में घटनास्थल पर तेजी से पहुंचकर प्रभावी राहत व बचाव कार्य कर सकेगी।

एनडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित एसडीआरएफ के जवानों को आवश्यक प्रशिक्षण एनडीआरएफ उपलब्ध कराएगी। दिल्ली की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष उपकरण आदि में एनडीआरएफ सहायता करेगी। एसडीआरएफ के गठन के बाद दिल्ली सरकार अपने फायर विभाग के स्टाफ और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी प्रशिक्षण दिलाएगी ताकि आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ राहत-बचाव कार्य किए जा सकें।

सरकार का मानना है कि आपदा के समय राहत और बचाव में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा त्वरित प्रतिक्रिया है। एसडीआरएफ के गठन, फायर विभाग एवं सिविल डिफेंस वॉलंटियरों के प्रशिक्षण से राजधानी की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की लिस्ट व उनके भंडारण की जानकारी संबंधित विभागों को साझा करें ताकि दुर्घटना या आपदा के समय उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अपनी एसडीआरएफ का गठन लंबे समय से अपेक्षित था। देश के अधिकतर राज्यों में एसडीआरएफ का गठन हो चुका है। राजधानी दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर में एसडीआरएफ का होना समय की जरूरत है। पिछली सरकारों के कार्यकाल में विभिन्न कारणों से यह महत्वपूर्ण व्यवस्था आकार नहीं ले सकी। दिल्ली सरकार अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी ताकि आपदा की स्थिति में बाहरी सहायता पर निर्भरता कम हो और स्थानीय स्तर पर तत्काल प्रतिक्रिया की क्षमता मजबूत हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है और आबादी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्राकृतिक या मानवीय आपदा की स्थिति में गंभीर क्षति की आशंका को देखते हुए पहले से मजबूत तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र जरूरी है। इसका उद्देश्य आपदा आने के बाद प्रतिक्रिया देने के साथ-साथ ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए दिल्ली को पहले से तैयार और सक्षम बनाना है।

बैठक में एनडीआरएफ को दिल्ली में अपनी बटालियन रखने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा हुई। एनडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में उनके पास जमीन उपलब्ध है, जहां जवान मुस्तैद रहते हैं। लेकिन, दिल्ली देश की राजधानी होने और यहां केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण संस्थानों के कार्यरत होने के कारण मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली में भी एनडीआरएफ की उपस्थिति आवश्यक है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से इस विषय पर विचार-विमर्श किया। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास ऐसी जमीन उपलब्ध है, जिसे इस उद्देश्य के लिए मुहैया कराया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल (डीजी) पीयूष आनंद, इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) नरेंद्र बुंदेला और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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