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New Delhi: नदी संरक्षण में टेरिटोरियल आर्मी की बड़ी भूमिका

नई दिल्ली: दिल्ली में जीवनदायिनी यमुना को प्रदूषण और अतिक्रमण से बचाने के लिए सरकार ने इसके रिवर फ्रंट पर टेरिटोरियल आर्मी तैनात करने की योजना बनाई है। ये नदी के प्राकृतिक सौंदर्य की सुरक्षा करेगी और अनधिकृत खुदाई, अतिक्रमण और नदी में कूड़ा करकट न फेंकने के प्रति लोगों को जागरूक करेगी। इस पहल से यमुना को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना नदी भाजपा सरकार के एजेंडे का सबसे अहम विषय है। यमुना की सफाई, इसके प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा, पवित्रता और इसे दर्शन योग्य बनाए रखना सरकार का मुख्य फोकस है। जल्द ही सीएम रेखा गुप्ता इस संबंध में रक्षा विभाग को पत्र लिखेंगी।
अगले कुछ महीने में यमुना में सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे। अगले करीब तीन साल में दिल्ली में यमुना का एक खूबसूरत रिवर फ्रंट होगा, जिसके किनारे लोग शौक से घूमने आएंगे। उन्होंने कहा कि टेरिटोरियल आर्मी तैनात करने की योजना उन्हीं की है, जिसका उद्देश्य यमुना की सफाई के विषय में दिल्ली के लोगों में जागरूक करना है। लोगों के चालान काटना या सजा देना नहीं है। टेरिटोरियल आर्मी इस काम को बखूबी निभाएगी।
यमुना को पावनी बनाने के लिए व्यापक मास्टर प्लान
डीडीए ने यमुना का आधुनिक रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान बनाया है। दिल्ली में यमुना के 52 किलोमीटर क्षेत्र को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है, जिसमें अभी विशेष रूप से वजीराबाद से ओखला तक के 22 किलोमीटर के हिस्से पर फोकस है। गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट और लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट से प्रेरणा लेते हुए इसे तैयार किया जा रहा है। मास्टर प्लान के तहत दिल्ली में यमुना में गिरने वाले 22 नालों के पानी को 100 फीसदी ट्रीट करने की योजना है। इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) को अपग्रेड करना, नए प्लांट्स स्थापित करना है।सराय काले खां के पास पहला रिवर फ्रंट होगा
पहला रिवर फ्रंट सराय काले खां के पास मिलेनियम बस डिपो क्षेत्र में 25 हेक्टेयर में प्रस्तावित है। इसके अलावा पहले से खुले असिता ईस्ट और बंसेरा जैसे क्षेत्रों को और अधिक विकसित करना है। इसमें बिना कंक्रीट के वॉकिंग और साइक्लिंग ट्रैक, बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा, ओपन थियेटर, फूड कोर्ट, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, पब्लिक प्लाजा और व्यू पॉइंट्स शामिल होंगे। यमुना बाढ़ क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए घास के मैदान, अधिक पौधे लगाने हैं। बंसेरा में 15,000 बांस के पौधे पहले ही लगे हैं। नया जलाशय बन रहा है और वेट्लैंड्स बढ़ाने की तैयारी है।
16 लेन का पथ प्रस्तावित
साबरमती मॉडल की तर्ज पर 16 लेन का पथ प्रस्तावित है, जिसमें 8 लेन सड़क, 4 लेन साइकिल ट्रैक और 4 लेन पार्किंग के लिए होंगी। यमुना पर रोप-वे और केबल-वे की योजना भी है, जिसके लिए डीडीए को संभावित स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। यह मेट्रो स्टेशनों और बस स्टैंड के पास बनाया जाएगा, ताकि यातायात और प्रदूषण कम हो। हाइब्रिड नौकाएं चलाने की योजना है, जो बायो टायलेट और सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी।
साबरमती रिवर फ्रंट के विशेषज्ञ देंगे सलाह
डीडीए के प्लान में साबरमती रिवर फ्रंट के विशेषज्ञ सलाह देंगे। जल शक्ति मंत्रालय और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर इसे मिशन मोड में लागू करने की तैयारी है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित है, जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना रिवर फ्रंट का वादा किया था। रिवर फ्रंट को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और जल आधारित गतिविधियां होंगी।





