दिल्ली-एनसीआर

New Delhi: ई20 पेट्रोल को लेकर सियासत तेज, केजरीवाल ने साधा निशाना

Admindelhi1
29 July 2026 4:29 PM IST
New Delhi: ई20 पेट्रोल को लेकर सियासत तेज, केजरीवाल ने साधा निशाना
x
ई20 पेट्रोल पर केंद्र की नीति पर केजरीवाल ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आआपा) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इथेनॉल 20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वाहन कंपनियों पर दबाव बनाकर इथेनॉल20 को सुरक्षित बताने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) व आयकर विभाग की कार्रवाई की धमकी दे रही है।

अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दावा किया कि उन्होंने 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बने वाहनों में इथेनॉल20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है और यदि इससे वाहन खराब होता है या माइलेज कम होती है तो क्या कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कंपनियों से जवाब मांगा तो किसी कंपनी ने लिखित जवाब नहीं दिया, जबकि नौ कंपनियों के अधिकारियों ने फोन पर बातचीत में कथित तौर पर स्वीकार किया कि पुराने वाहनों में इथेनॉल20 के इस्तेमाल से इंजन और फ्यूल सिस्टम को नुकसान तथा माइलेज में गिरावट आ सकती है।

उन्होंने कहा कि देश में 2023 से पहले बनी करीब 30 करोड़ गाड़ियां हैं और सरकार की नीति से ये वाहन प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है, इससे माइलेज कम मिलती है।

केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल20 के विरोध में शनिवार को आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय टाउनहॉल कार्यक्रम को रोकने के लिए केंद्र सरकार पुलिस और प्रशासन के जरिए दबाव बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल की बुकिंग रद्द कराने और अनुमति लेने का दबाव बनाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाउनहॉल तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामलों में छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर सवाल करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को पैसे देने वाली है उसमें इतनी शर्तें रखी है फिर तो कोई भी महिला सरकार की इस शर्त को पूरा नही कर पाएगी। उन्होंने कहा कि क्या योजना का लाभ केवल 17 लाख महिलाओं तक सीमित रहेगा, जबकि दिल्ली में महिलाओं की संख्या इससे कहीं अधिक है।

Next Story