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New Delhi: राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की मॉक ड्रिल से राजधानी में दहशत और राहत दोनों

New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में आतंकवादी हमलों जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने की रणनीति परखने और सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) ने एक बड़ी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मॉक ड्रिल 17 जुलाई को जनपथ स्थित प्रतिष्ठित पाँच सितारा होटल द क्लेरिजेस में आयोजित की गई, जिसमें एनएसजी, दिल्ली पुलिस और स्पेशल सेल की टीमें शामिल थीं।
यह मॉक ड्रिल एक काल्पनिक बम विस्फोट की सूचना पर आधारित थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों की टीमें होटल में दाखिल हुईं और आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन का अभ्यास शुरू किया गया। इस ड्रिल के ज़रिए यह सुनिश्चित किया गया कि अगर भविष्य में कोई वास्तविक आतंकवादी हमला होता है, तो सभी एजेंसियां कितनी तेज़ी और प्रभावी ढंग से एक साथ मिलकर जवाब दे सकती हैं।
हेलीकॉप्टर से उतरे कमांडो, छत से सीधा प्रवेश
ड्रिल की सबसे खास बात हवाई ऑपरेशन था। एनएसजी कमांडो को एक हेलिकॉप्टर (हेलीकॉप्टर) के ज़रिए होटल की छत पर उतारा गया। हेलीकॉप्टर छत पर नहीं उतरा, बल्कि हवा में रहते हुए ही कमांडो रस्सियों के सहारे नीचे उतरे और होटल में घुस गए। इससे यह साबित हुआ कि एनएसजी किसी भी मुश्किल परिस्थिति में तुरंत मौके पर पहुँचकर ऑपरेशन शुरू कर सकती है।
NSG ने की हाई-टेक मॉक ड्रिल (सोर्स-गूगल)
घायलों का रेस्क्यू, संदिग्धों की तलाशी भी हुई
यह अभ्यास केवल ऑपरेशन तक ही सीमित नहीं था। इसमें घायलों को सुरक्षित निकालने, संदिग्धों की पहचान, तलाशी, इलाके को खाली कराने और मीडिया व आम नागरिकों को नियंत्रित करने जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य यह था कि वास्तविक हमले की स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम से कम हो और अराजकता से बचा जा सके।
कई इलाकों में मॉक ड्रिल चल रही है
द क्लेरिजेस होटल के अलावा, 17 जुलाई को सुबह कश्मीरी गेट, रात में हिंदू कॉलेज और कई अन्य इलाकों में भी इस तरह की ड्रिल की गई। ये मॉक ड्रिल दिल्ली भर में कुल 10 जगहों पर आयोजित की जा रही हैं, जो 18 जुलाई, 2025 तक जारी रहेंगी।
आम नागरिकों से अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्लीवासियों से मॉक ड्रिल के दौरान अफवाहों से बचने, सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का वीडियो या गलत सूचना साझा न करने और किसी भी क्षेत्र में कोई भी अभ्यास होने पर सहयोग करने की अपील की है। ये अभ्यास उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।





