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नई दिल्ली: भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2025 में भारत के चावल निर्माण पर जोर

SHIDDHANT
24 Oct 2025 11:13 PM IST
नई दिल्ली: भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2025 में भारत के चावल निर्माण पर जोर
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Delhi दिल्ली: भारत की चावल निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से Bharat International Rice Conference (BIRC) 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह एक बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसे हम प्रेस के माध्यम से प्रदर्शित करना चाहते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं, चावल भारत का प्रमुख कृषि निर्यात है। हम इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के सहयोग से कर रहे हैं।
अभिषेक देव ने बताया कि BIRC 2025 में भारत के चावल निर्यातकों, नीति निर्माताओं, वैश्विक खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों को एक ही मंच पर लाया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय चावल उद्योग की उपलब्धियों, नवीनतम तकनीकों और वैश्विक बाजार में अवसरों को साझा करना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से छोटे और बड़े चावल उत्पादकों को नई तकनीक, वैश्विक मांग और निर्यात बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
APEDA चेयरमैन ने बताया कि भारत विश्व में चावल के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है। इस सम्मेलन के दौरान विभिन्न पैनल चर्चा, विशेषज्ञ सत्र और नेटवर्किंग अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि वैश्विक खरीदार और निवेशक भारत के चावल उद्योग की गुणवत्ता, विविधता और निर्यात क्षमता को समझें और नए अवसरों का लाभ उठाएं। IREF के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञ, निर्यातक, सरकारी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। अभिषेक देव ने कहा कि सम्मेलन में न केवल व्यापारिक अवसरों पर चर्चा होगी, बल्कि पर्यावरण और सतत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि किसानों और निर्यातकों के लिए यह ज्ञान साझा करने और वैश्विक मानकों को अपनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत की कृषि निर्यात छवि को मजबूत करते हैं। BIRC 2025 के माध्यम से भारत अपने चावल उत्पादन की गुणवत्ता, निर्यात क्षमता और वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति को और बेहतर ढंग से प्रदर्शित कर सकेगा। सम्मेलन से छोटे किसानों को भी वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन और विपणन करने की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। कुल मिलाकर, Bharat International Rice Conference 2025 भारत के चावल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। APEDA और IREF की साझेदारी से यह सम्मेलन न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से, बल्कि वैश्विक कृषि और निर्यात मानकों के संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत विश्व बाजार में अपने चावल उत्पादनों की विविधता और गुणवत्ता का प्रदर्शन करेगा, जिससे किसानों और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा।
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