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New Delhi: अटल पेंशन योजना का विस्तार और सिडबी को मजबूत बनाने के निर्णय

Admindelhi1
21 Jan 2026 4:55 PM IST
New Delhi: अटल पेंशन योजना का विस्तार और सिडबी को मजबूत बनाने के निर्णय
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"मोदी कैबिनेट ने आर्थिक योजनाओं में लिया अहम निर्णय"

नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार ने बुधवार को आम आदमी की सामाजिक सुरक्षा और देश की रोजगार व्यवस्था को मजबूती देने वाले दो दूरगामी फैसले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक ओर अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई, वहीं दूसरी ओर लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) में 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालने का निर्णय लिया गया। इन दोनों फैसलों को असंगठित क्षेत्र के कामगारों और छोटे उद्योगों के लिए बड़ा राहत पैकेज माना जा रहा है।

कैबिनेट ने सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना अटल पेंशन योजना के विस्तार के साथ इसके प्रचार-प्रसार, विकासात्मक गतिविधियों और गैप फंडिंग के लिए भी वित्तीय सहायता को स्वीकृति दी है। 9 मई 2015 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापे में आय की गारंटी देना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को उनके अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद प्रति माह 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की न्यूनतम गारंटीड पेंशन मिलती है। सरकार का मानना है कि योजना के विस्तार से करोड़ों श्रमिकों को भविष्य की आर्थिक असुरक्षा से बचाने में मदद मिलेगी।

इसी बैठक में रोजगार सृजन और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से सिडबी में 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता को मंजूरी दी गई। यह पूंजी वित्तीय सेवा विभाग की ओर से तीन चरणों में दी जाएगी, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 में 3,000 करोड़ रुपये तथा वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में क्रमशः 1,000-1,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त पूंजी से सिडबी सस्ते संसाधन जुटा सकेगा और छोटे उद्योगों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

सरकारी आकलन के मुताबिक, इस फैसले से रोजगार के मोर्चे पर बड़ा सकारात्मक असर देखने को मिलेगा और करीब 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 के अंत तक जहां 76.26 लाख एमएसएमई को वित्तीय सहायता मिल रही थी, वहीं वित्त वर्ष 2028 के अंत तक यह संख्या बढ़कर लगभग 1.02 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही करीब 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।

कुल मिलाकर, बुधवार को लिए गए ये फैसले सरकार की उस रणनीति को दर्शाते हैं, जिसमें सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास को साथ लेकर चलने पर जोर दिया जा रहा है। अटल पेंशन योजना के विस्तार से जहां कमजोर और असंगठित वर्ग को सुरक्षा कवच मिलेगा, वहीं सिडबी के माध्यम से पूंजी प्रवाह बढ़ने से छोटे उद्योगों के विस्तार और नए रोजगार सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी।

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