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New Delhi: केंद्र सरकार का बड़ा कदम, राहुल को नोटिस संभव

Admindelhi1
12 Feb 2026 4:35 PM IST
New Delhi: केंद्र सरकार का बड़ा कदम, राहुल को नोटिस संभव
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"सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर"

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ BJP के सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में एक 'सब्सटेंटिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया है। इस प्रस्ताव के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और उन पर जीवनभर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

निशिकांत दुबे ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में साफ किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक 'ठोस प्रस्ताव' (Substantive Motion) दिया है। दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी बाहरी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं।

प्रस्ताव में की गई मुख्य मांगें

भाजपा सांसद ने अपने प्रस्ताव में गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को तुरंत खत्म किया जाए।

उन्हें भविष्य में किसी भी चुनाव को लड़ने के लिए आजीवन अयोग्य घोषित किया जाए।

दुबे ने कहा कि इस मामले पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए कि किस तरह विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को भ्रमित किया जा रहा है।

किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।

राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा जिस पर मचा घमासान

किरेन रिजिजू ने कहा कि मैंने रिक्वेस्ट की है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए ताकि वे अपनी बातों को साबित कर सकें। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बेकार और झूठे आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना कोई नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाया है।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश का विदेशी ताकतों के सामने 'समर्पण' कर दिया है। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष की ओर से जोरदार विरोध हुआ।

यूएस ट्रेड डील के मुद्दे पर बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे 'नॉनसेंस' कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

राहुल गांधी के बयान पर किरेन रिजिजू ने जताई आपत्ति

उनके इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को 'बेतुका' बताया और कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए। रिजिजू ने मांग की कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाया जाए। सदन की कार्यवाही देख रहे अध्यक्षीय पीठासीन सदस्य जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी से आपत्तिजनक शब्दों से बचने को कहा। राहुल गांधी ने इसे स्वीकार किया, लेकिन सरकार को घेरना जारी रखा।

इस तरह सदन में शुरू हो गया हंगामे और नारेबाजी का दौर

सदन में उस समय हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई जब विपक्षी सदस्यों ने राहुल के 'सरेंडर' वाले आरोप का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध करते रहे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह सरकार देश, किसानों, आईटी सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा को बेच चुकी है और अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गई है। इस पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो देश को बेच सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अब तक के सबसे मजबूत नेता हैं।

रुचिर शुक्ला

निशिकांत दुबे का बयान

सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "मैंने आज लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है कि कैसे वह सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं। मैंने प्रस्ताव में कहा है कि इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए, उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए और उन्हें जीवन भर चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।"

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