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NEET-UG री-एग्जाम: मंत्रालय और एजेंसियों के अधिकारी संसद समिति के सामने होंगे पेश

नई दिल्ली : स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्रालय, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के शीर्ष अधिकारी बुधवार को संसद की एक स्थायी समिति के समक्ष 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जामिनेशन को लेकर विस्तृत जानकारी देंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों के साथ-साथ NTA और NMC के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब किया है। समिति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया, तैयारियों और पारदर्शिता से जुड़े पहलुओं की समीक्षा करना है।
यह तीसरी बार है जब इस मामले पर मंत्रालय और परीक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी किसी संसदीय पैनल के सामने पेश हो रहे हैं। इससे पहले भी अधिकारियों ने दो अन्य समितियों के सामने उपस्थित होकर परीक्षा से जुड़ी स्थिति पर जानकारी दी थी। इनमें शिक्षा संबंधी संसदीय समिति और सरकारी आश्वासन संबंधी समिति शामिल हैं।
पहले की बैठकों में अधिकारियों ने बताया था कि उनका मुख्य फोकस 21 जून को होने वाली NEET-UG री-टेस्ट परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित करना है। यह री-एग्जाम पेन-पेपर मोड में कराने की योजना पर आधारित है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, संसद समिति परीक्षा की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली और परीक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट मांग सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पिछली परीक्षा से जुड़ी समस्याओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में री-एग्जाम को लेकर छात्रों में भी काफी उत्सुकता और चिंता बनी हुई है।
सरकारी एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई गाइडलाइंस भी लागू की जा रही हैं।
इस पूरे मामले पर संसद की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके और छात्रों का भरोसा बनाए रखा जा सके।





