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तिलक नगर थप्पड़कांड में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR, AAP विधायक जरनैल सिंह पर FIR

Kavita2
29 Sept 2026 10:36 AM IST
तिलक नगर थप्पड़कांड में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR, AAP विधायक जरनैल सिंह पर FIR
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नई दिल्ली। दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निरीक्षण के दौरान हुए थप्पड़कांड को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। दिल्ली पुलिस ने पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के खिलाफ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट यानी NCR दर्ज की है। यह कार्रवाई उस युवक की शिकायत पर की गई है, जिसने आरोप लगाया था कि सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के दौरान मंत्री ने उसे थप्पड़ मारा। दूसरी ओर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता की शिकायत पर तिलक नगर से आम आदमी पार्टी विधायक जरनैल सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज NCR भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप से जुड़ी है। गैर-संज्ञेय मामला होने के कारण पुलिस सीधे जांच शुरू नहीं कर सकती और आगे की जांच के लिए अदालत की अनुमति जरूरी होती है। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी अब भी एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग पर अड़ी हुई है।

यह पूरा विवाद पश्चिमी दिल्ली में एक सड़क के निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ था। मौके पर स्थानीय विधायक जरनैल सिंह और उनके समर्थक भी मौजूद थे। सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे और इसी दौरान बहस बढ़ गई। वायरल वीडियो में प्रवेश वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और इसके बाद उसे थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं। संबंधित युवक की पहचान साहेब सिंह के रूप में हुई है, जो जरनैल सिंह से जुड़ा बताया गया है।

साहेब सिंह ने बाद में पुलिस में शिकायत दी और आरोप लगाया कि सड़क की हालत दिखाने और रिकॉर्डिंग करने के दौरान मंत्री ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने पहले इस पूरे मामले में कई शिकायतें मिलने की पुष्टि की थी। इनमें साहेब सिंह की शिकायत के अलावा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से दी गई शिकायतें भी शामिल थीं। बाद में पुलिस ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज की।

आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना है। पार्टी का कहना है कि वायरल वीडियो में घटना साफ दिखाई दे रही है और इसलिए मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। दिल्ली प्रदेश AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। पार्टी इसे सत्ता के दुरुपयोग और सार्वजनिक पद पर रहते हुए अनुचित व्यवहार से जोड़कर देख रही है। ये AAP के राजनीतिक आरोप हैं।

दूसरी ओर प्रवेश वर्मा ने अपने बचाव में कहा है कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था और इसी वजह से स्थिति बिगड़ी। उन्होंने बाद में यह भी कहा कि जो कुछ हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

इसी विवाद के दूसरे हिस्से में AAP विधायक जरनैल सिंह की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता की शिकायत पर उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण कार्य में हस्तक्षेप किया गया, अधिकारियों को काम करने से रोका गया और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किया है।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की ओर से दी गई शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले कुछ दिनों से निर्माण स्थल पर बार-बार पहुंचकर काम में बाधा डाली जा रही थी। अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों और निर्माण कार्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। हालांकि इन आरोपों की सत्यता पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में तय होगी।

विवाद की जड़ में सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल हैं। लगभग 5.4 किलोमीटर लंबे एक सड़क खंड की मरम्मत और रीकारपेटिंग का काम किया गया था। AAP विधायक जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि नई सड़क की ऊपरी परत हाथ से निकल रही थी और निर्माण की गुणवत्ता खराब थी। इसी मुद्दे को लेकर मौके पर बहस हुई और मामला बाद में थप्पड़कांड तक पहुंच गया।

AAP ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी राजनीतिक रूप से उठाया है। वहीं भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि AAP कार्यकर्ताओं ने मंत्री को उकसाने और निरीक्षण में बाधा डालने की कोशिश की। इस तरह सड़क निर्माण का तकनीकी विवाद अब भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है।

पुलिस के सामने फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतें मौजूद हैं। प्रवेश वर्मा के खिलाफ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब अदालत की अनुमति के आधार पर आगे की जांच की प्रक्रिया तय हो सकती है। वहीं जरनैल सिंह और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुलिस आरोपों की जांच आगे बढ़ाएगी।

इस पूरे मामले में वायरल वीडियो भी अहम साक्ष्य बन सकता है। इसके अलावा मौके पर मौजूद अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के बयान तथा सड़क निरीक्षण के दौरान की रिकॉर्डिंग की भी जांच की जा सकती है। पुलिस को अब यह तय करना होगा कि दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल तिलक नगर थप्पड़कांड ने दिल्ली की राजनीति को गर्म कर दिया है। एक तरफ मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज होने के बावजूद AAP एफआईआर की मांग पर अड़ी है, तो दूसरी तरफ उसके अपने विधायक जरनैल सिंह भी एफआईआर का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है।

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