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New Delhi नई दिल्ली : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में देशभर में ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने लगभग 18,227 करोड़ रुपये मूल्य के 1,240.9 टन ड्रग्स जब्त किए हैं। हालांकि जब्ती की मात्रा और मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा, लेकिन मामलों और गिरफ्तारियों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
NCB ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2024 में 1,330.6 टन ड्रग्स जब्त किए गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 27,524 करोड़ रुपये थी। इसके मुकाबले 2025 में जब्ती में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में देशभर में ड्रग ट्रैफिकिंग से जुड़े 1,48,063 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष के 96,930 मामलों की तुलना में काफी अधिक हैं। इसी अवधि में कुल 1,83,675 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 747 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वर्ष 2024 में गिरफ्तारियों की संख्या 1,22,224 थी।
NCB ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि तस्कर अब अधिक विकेंद्रीकृत (डिसेंट्रलाइज़्ड) सप्लाई सिस्टम अपना रहे हैं, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इन नेटवर्कों को ट्रैक करना और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स की मात्रा कुल जब्ती का केवल लगभग 1 प्रतिशत हो सकती है, लेकिन इनका प्रभाव और बाजार में तेजी से बढ़ती मांग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
NCB ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग उत्पादन से जुड़ी स्थिति पर भी प्रकाश डाला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में लगाए गए ड्रग प्रतिबंध के कारण अफीम उत्पादन में 93 प्रतिशत की गिरावट आई थी। हालांकि, पहले से मौजूद लगभग 13,200 टन का स्टॉक 2026 तक सप्लाई बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बदलते तस्करी पैटर्न, डिजिटल माध्यमों का उपयोग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की सक्रियता के कारण भारत में ड्रग नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही जब्ती में कमी आई हो, लेकिन मामलों और गिरफ्तारियों में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि ड्रग नेटवर्क अधिक फैल चुका है और छोटे-छोटे समूहों में काम कर रहा है, जिससे इसे पकड़ना और भी कठिन हो गया है।
NCB ने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि इस बढ़ते खतरे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।





