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नमो भारत ने रचा इतिहास, 4.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने किया सफर

Kavita2
18 Oct 2026 2:22 PM IST
नमो भारत ने रचा इतिहास, 4.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने किया सफर
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नई दिल्ली। देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने और शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में नमो भारत रैपिड रेल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर उभरी है। 17 अक्टूबर को आयोजित 'नमो भारत दिवस' के अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है तथा यही नमो भारत का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने कहा कि नमो भारत केवल एक आधुनिक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया। यह कॉरिडोर लगभग 82 किलोमीटर लंबा है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेज, सुरक्षित तथा सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक है नमो भारत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नमो भारत के पीछे राष्ट्र प्रथम की भावना है। यह परियोजना देश के विकास, आधुनिक तकनीक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचना आसान होता है, तो व्यापार, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

मनोहर लाल ने नमो भारत को केवल एक ट्रेन सेवा के रूप में नहीं, बल्कि लोगों को नए अवसरों से जोड़ने वाली परिवहन व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलती है।

20 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी

नमो भारत परियोजना की शुरुआत 20 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के पहले परिचालन खंड को हरी झंडी दिखाई थी।

यह देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली यानी आरआरटीएस परियोजना है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर क्षेत्रीय परिवहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके जरिए दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।

इस परियोजना का उद्देश्य सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना, यात्रियों का समय बचाना और सार्वजनिक परिवहन के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।

4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज

नमो भारत दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जानकारी दी कि इस कॉरिडोर पर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज हो चुकी हैं।

यह आंकड़ा क्षेत्रीय रैपिड रेल सेवाओं की बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है। दिल्ली और आसपास के शहरों में बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन रोजगार, शिक्षा, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं।

ऐसे यात्रियों के लिए तेज और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नमो भारत जैसी सेवाएं यात्रा के समय को कम करने के साथ आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायता करती हैं।

हालांकि, 4.5 करोड़ यात्राओं का यह आंकड़ा केंद्रीय मंत्री द्वारा साझा किया गया है। नमो भारत की आधिकारिक वेबसाइट पर 11 सितंबर 2026 तक लगभग 4.24 करोड़ संचयी यात्री यात्राएं दर्ज थीं।

बेहतर परिवहन से शहरों के विकास को मिलती है गति

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर परिवहन सुविधाओं का प्रभाव केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे शहरों और आसपास के क्षेत्रों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

जब दो शहरों के बीच यात्रा आसान और तेज होती है, तो लोगों को रोजगार के लिए अधिक विकल्प मिलते हैं। विद्यार्थी बेहतर शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकते हैं और व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने में सुविधा मिलती है।

इसके अलावा आधुनिक परिवहन नेटवर्क उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासीय क्षेत्रों के विकास में भी सहायक हो सकता है।

नमो भारत परियोजना का महत्व इसी दृष्टिकोण से समझा जा सकता है। यह केवल दिल्ली और मेरठ के बीच परिवहन सेवा उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और अवसरों को जोड़ने का माध्यम भी है।

आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा पर जोर

नमो भारत को आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। इस परियोजना में यात्रियों की सुरक्षा, यात्रा की गति और सुविधाजनक आवागमन को विशेष महत्व दिया गया है।

तेज रफ्तार रेल सेवाओं के जरिए लोगों को सड़क मार्ग पर लगने वाले लंबे समय से राहत मिल सकती है। साथ ही नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। यदि अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सामूहिक परिवहन अपनाते हैं, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है।

परियोजना से जुड़े कर्मचारियों के योगदान की सराहना

नमो भारत दिवस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना को सफल बनाने में योगदान देने वाले इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और कर्मचारियों के प्रयासों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन परियोजनाओं के पीछे बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत और तकनीकी विशेषज्ञता होती है। इस प्रकार की परियोजनाएं देश की बुनियादी ढांचा निर्माण क्षमता को भी मजबूत करती हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम यानी एनसीआरटीसी नमो भारत परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी प्रमुख संस्था है।

विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश में आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी से विकास का लाभ बड़े शहरों से आगे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचता है। इससे नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

नमो भारत दिवस के अवसर पर सामने आई उपलब्धियां आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं। भविष्य में ऐसी परियोजनाओं का विस्तार देश के अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

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