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Delhi में पैरा एथलीट की रहस्यमयी मौत, परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Ratna Netam
28 Oct 2026 5:18 PM IST

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नई दिल्ली : 28 अक्टूबर 2026। एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीत चुके भारत के मशहूर पैरा-एथलीट नीरज यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने खेल जगत को झकझोर दिया है। 42 वर्षीय नीरज मंगलवार रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में अपनी कार के पास अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इस बीच उनके चाचा की ओर से आत्महत्या की आशंका को नकारने और मामले में एक महिला की संभावित भूमिका की जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, चाचा के इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास अचेत मिले थे नीरज यादव
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब नौ बजे नीरज यादव मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास अपनी कार के बगल में अचेत अवस्था में मिले थे।एक महिला उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुधवार रात करीब 12 बजकर आठ मिनट पर जाफराबाद थाने को जीटीबी अस्पताल से इसकी सूचना मिली।सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारियों को बताया गया कि नीरज का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नीरज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था।
चाचा ने आत्महत्या की आशंका पर उठाए सवाल
नीरज यादव की मौत के बाद परिवार की ओर से घटना की विस्तृत जांच की मांग सामने आई है।उनके चाचा द्वारा आत्महत्या की आशंका को नकारने और एक महिला की संभावित भूमिका की जांच कराने की मांग किए जाने की जानकारी है। हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र समाचार रिपोर्टों में चाचा का विस्तृत बयान या उनके आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं मिला है।परिवार की आशंकाओं और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। किसी महिला की घटना में आपराधिक संलिप्तता अभी स्थापित नहीं हुई है।पुलिस के सामने फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि नीरज की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही।इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से ही सामने आएगा।
महिला ने पुलिस को बताई दोस्ती की पूरी कहानी
दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में एक महिला का बयान सामने आया है, जिसने नीरज को अस्पताल पहुंचाया था।महिला ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज यादव के साथ दोस्ती थी।उसके अनुसार, 27 अक्टूबर को वह हरियाणा के सोनीपत में नीरज से मिलने गई थी। मुलाकात के दौरान उसने नीरज को बताया कि वह अब उनके संपर्क में नहीं रह सकती।इसके बाद नीरज अपनी स्कॉर्पियो कार से महिला को दिल्ली के मौजपुर इलाके में छोड़ने आए थे।महिला ने बताया कि रात करीब नौ बजे उसे नीरज की स्थिति को लेकर आशंका हुई। वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास पहुंची, जहां नीरज कार के बगल में सड़क पर अचेत मिले।महिला उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।पुलिस महिला के बयान सहित घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
नीरज यादव की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।शुरुआती रिपोर्टों में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और आवश्यक फॉरेंसिक परीक्षणों से ही हो सकेगी।जाफराबाद थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की है।यह धारा संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की पुलिस जांच से संबंधित है।जांच में घटना की समयरेखा, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।फिलहाल पुलिस ने मौत के अंतिम कारण की पुष्टि नहीं की है।
तीन बार एशियाई पैरा खेलों में जीता था स्वर्ण पदक
नीरज यादव भारत के प्रमुख पैरा-एथलीटों में शामिल थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की थीं।वर्ष 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने पुरुषों की एफ-55 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।इस प्रतियोगिता में उन्होंने 29.84 मीटर भाला फेंककर एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था।इसके बाद वर्ष 2023 में हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने भाला फेंक और डिस्कस थ्रो में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।इस तरह उन्होंने एशियाई पैरा खेलों में कुल तीन स्वर्ण पदक जीते। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय पैरा खेलों में उन्हें विशेष पहचान दिलाई थी।
बचपन में पोलियो के बावजूद नहीं मानी हार
नीरज यादव का खेल जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा।सात वर्ष की उम्र में पोलियो के प्रभाव के कारण उन्हें शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।हालांकि, उन्होंने खेलों के प्रति रुचि बनाए रखी और वर्ष 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस खेला।इसके बाद उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखा और एफ-55 श्रेणी में भाला फेंक, डिस्कस थ्रो तथा शॉट पुट जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लिया।लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।नीरज हरियाणा के सोनीपत में 'अंशनीर स्पोर्ट्स एकेडमी' नाम से ऑनलाइन खेल प्रशिक्षण संस्था भी संचालित कर रहे थे।
डोपिंग निलंबन के कारण नहीं खेल सके थे एशियाई पैरा गेम्स
नीरज यादव के खेल करियर में पिछले कुछ समय से मुश्किलें चल रही थीं।डोपिंग से जुड़े मामले में निलंबन के कारण वह अक्टूबर 2026 में आयोजित आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा नहीं ले सके थे।भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज की मौत पर दुख जताते हुए बताया कि वह डोपिंग मामले के बाद से उनके संपर्क में थे।कोच के अनुसार, निलंबन के कारण नीरज के खेल करियर और आर्थिक अवसरों पर असर पड़ा था।हालांकि, कोच ने यह भी स्वीकार किया कि वह उनकी मौत के सटीक कारण के बारे में नहीं बता सकते।इसलिए डोपिंग निलंबन या व्यक्तिगत संबंधों को मौत का निश्चित कारण मानना उचित नहीं होगा।
पत्नी और तीन साल की बेटी को छोड़ गए नीरज
नीरज यादव शादीशुदा थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन साल की बेटी हैं।अचानक हुई उनकी मौत से परिवार और खेल जगत में शोक का माहौल है।भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नीरज के साथियों के लिए भी यह खबर दुखद रही।नीरज ने वर्षों की मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो पहचान बनाई थी, उसे भारतीय पैरा खेलों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है।
पुलिस जांच और परिवार के सवालों पर टिकी निगाहें
नीरज यादव की मौत के मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।पुलिस को यह स्पष्ट करना है कि घटना के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और नीरज की मौत का वास्तविक कारण क्या था।परिवार की ओर से जताई गई आशंकाओं के बीच महिला का बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, महिला के खिलाफ किसी आपराधिक आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले इस पैरा-एथलीट की अचानक मौत भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है।
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