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मुंडका अग्निकांड को 1 महीना हुआ, भाई को तीन बहनों के शव का है इंतजार

Admin Delhi 1
8 Jun 2022 1:21 PM GMT
मुंडका अग्निकांड को 1 महीना हुआ, भाई को तीन बहनों के शव का है इंतजार
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दिल्ली क्राइम न्यूज़: 13 मई को हुए मुंडका अग्निकांड को करीब एक महीने का समय होने वाला है, लेकिन परिजनों का इंतजार अभी तक जारी है. हादसे में मृतकों के परिजन आज भी अपनों के शव के इंतजार में अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं. 27 दिनों के इंतजार के बाद अभी केवल तीन लोगों की ही डीएनए रिपोर्ट सामने आई है. जिनकी पहचान मधु, मुस्कान और नरेंद्र के रूप में हुई है. डीएनए रिपोर्ट आने के बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए हैं.अभी भी कई ऐसे परिजन हैं जो अपनों की तलाश में अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं. इन्हीं में से एक हैं अरुण कुमार जो बुधवार को मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में अपनों की तलाश में पहुंचे. अरुण की तीन बहनें थीं, जो इस फैक्ट्री में काम करती थीं. हादसे वाले दिन तीनों बहनें मधु, पूनम और प्रीति हादसे का शिकार हो गईं. ये तीनों बहनें इस फैक्ट्री में करीब डेढ़ साल से काम कर रही थीं.

अरुण ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के 27 दिन बीत जाने के बाद अभी तक DNA रिपोर्ट नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में कहा गया था कि डीएनए की रिपोर्ट 7 से 10 दिन में मिल जाएगी, लेकिन अब एक महीने भर का समय होने वाला है. अरुण ने सरकार से मांग की है कि उन्हें मुआवजा राशि नहीं चाहिए. बल्कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि हादसे के दोषियों को सजा मिल सके.

इस हादसे में 27 लोग जिंदा जल गए थे, जबकि 50 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया था. लोगों का कहना है कि हादसे वाले दिन बिल्डिंग में सैकड़ों लोग मौजूद थे. लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. इस दौरान प्रशासन पर शव गायब कराने के भी कुछ परिजनों ने आरोप लगाए. मुंडका अग्निकांड को लेकर MCD ने कई जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड भी किया था. इस हादसे के शिकार हुए कई लोगों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है, क्योंकि DNA रिपोर्ट के जरिए ही उनकी शिनाख्त हो पाएगी. अरुण को भी अपनी तीनों बहनों के शव के लिए DNA रिपोर्ट का इंतजार है.

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