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राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज पहल की सांसद सुखदेव भगत ने की तारीफ
Ratna Netam
10 Oct 2026 3:41 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की पहल 'छात्रों की गूंज' की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के छात्र राहुल गांधी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यह अभियान केवल छात्रों की अलग-अलग समस्याओं या राजनीतिक शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से व्यवस्था में मौजूद गहरी समस्याओं को सामने लाने और व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।सुखदेव भगत ने बातचीत के दौरान कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक सोच केवल तात्कालिक विवादों या किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य पूरे संस्थागत ढांचे में परिवर्तन लाना है। भगत के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में कई ऐसी कमियां हैं, जिनके कारण व्यापक सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। राहुल गांधी इन्हीं समस्याओं को केंद्र में रखकर बदलाव की बात कर रहे हैं।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को केवल राजनीतिक बहस का विषय बनाकर नहीं देखा जाना चाहिए। इन समस्याओं के पीछे व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल मौजूद हैं। उन्होंने राहुल गांधी की पहल को इसी व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि इसका लक्ष्य केवल किसी एक शिकायत का समाधान नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों में सुधार करना है जिनके कारण ऐसी समस्याएं सामने आती हैं।भगत ने राहुल गांधी के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, "आइए दो बातें बिल्कुल स्पष्ट कर लें। राहुल गांधी का ध्यान केवल एक विशिष्ट मुद्दे पर नहीं है; उनका लक्ष्य पूरे सिस्टम में एक परिवर्तनकारी बदलाव लाना है। एक ऐसा सिस्टम जो दागदार और जंग-खाया हुआ हो गया है।"उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की पहल को केवल एक राजनीतिक अभियान के रूप में नहीं, बल्कि संस्थागत सुधार की व्यापक सोच के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की प्राथमिकता उन बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाना है, जो लंबे समय से व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं।
सुखदेव भगत ने विशेष रूप से छात्रों की उम्मीदों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र राहुल गांधी को उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। उनके अनुसार, यह उम्मीद केवल किसी एक मुद्दे पर राजनीतिक समर्थन से जुड़ी नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन की अपेक्षा को भी दर्शाती है। भगत ने छात्रों की इस भावना को राहुल गांधी की पहल के महत्व से जोड़कर देखा।उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में सुधार की चर्चा करते समय केवल तत्काल सामने आने वाली समस्याओं पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता। उन समस्याओं की जड़ों तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी के अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर बदलाव की जरूरत को सामने लाना है।
कांग्रेस सांसद के बयान में संस्थागत ढांचे की स्थिति एक प्रमुख विषय रही। उन्होंने मौजूदा सिस्टम को दागदार और जंग लगा हुआ बताते हुए कहा कि राहुल गांधी इसे बदलने की दिशा में सोच रहे हैं। भगत की टिप्पणी में व्यवस्था की कार्यप्रणाली और उसकी कमियों को लेकर असंतोष दिखाई दिया। हालांकि, उन्होंने अपने इस बयान में किसी विशेष संस्था या विभाग का अलग से उल्लेख नहीं किया।सुखदेव भगत के अनुसार, राहुल गांधी का मिशन तात्कालिक राजनीतिक विवादों से कहीं आगे जाता है। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना या शिकायत को लेकर प्रतिक्रिया देना और पूरे सिस्टम में परिवर्तन की बात करना दो अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। राहुल गांधी का ध्यान दूसरे दृष्टिकोण पर केंद्रित है, जिसमें व्यवस्था के व्यापक सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।
'छात्रों की गूंज' पहल की सराहना करते हुए भगत ने इसे छात्रों की अपेक्षाओं और संस्थागत बदलाव के सवाल से जोड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों से संबंधित मुद्दों को अलग-अलग राजनीतिक शिकायतों के रूप में देखने के बजाय उनके पीछे मौजूद व्यवस्थागत समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।भगत की टिप्पणी में राहुल गांधी के नेतृत्व और उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर समर्थन भी दिखाई दिया। उन्होंने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि राहुल गांधी का उद्देश्य केवल किसी विशेष मुद्दे को उठाना नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष के नेता एक ऐसे परिवर्तन की बात कर रहे हैं, जिसका संबंध पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली से है।
सांसद ने अपने बयान में छात्रों के भरोसे को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर छात्रों की उम्मीदें इस बात को दर्शाती हैं कि वे बदलाव की अपेक्षा रखते हैं। भगत ने इसी अपेक्षा को राहुल गांधी की पहल के साथ जोड़ते हुए कहा कि व्यापक संस्थागत परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।शनिवार को दिए गए इस बयान के माध्यम से सुखदेव भगत ने राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' पहल का समर्थन करते हुए व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि राहुल गांधी किसी एक राजनीतिक विवाद या शिकायत के समाधान तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि उनकी सोच पूरे सिस्टम में परिवर्तनकारी बदलाव लाने की है।
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