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पंजाब कांग्रेस में बदलाव की हलचल तेज, 10 जनपथ पहुंचे राजा वड़िंग

Kavita2
2 Oct 2026 12:02 PM IST
पंजाब कांग्रेस में बदलाव की हलचल तेज, 10 जनपथ पहुंचे राजा वड़िंग
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नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पहुंचे। उनकी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ करीब 11 बजे महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित बताई गई है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी हाईकमान नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मंथन कर रहा है।

राजा वड़िंग के दिल्ली पहुंचने के बाद पंजाब कांग्रेस के भीतर नई नियुक्ति को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक में प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, संगठनात्मक बदलाव, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और नए अध्यक्ष के नाम पर विचार हो सकता है। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कांग्रेस की ओर से औपचारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

राजा वड़िंग ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को “पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष” लिख दिया था। इसके बाद उनके पद छोड़ने की अटकलों को और मजबूती मिली। बाद में पार्टी सूत्रों के हवाले से सामने आया कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंप दिया है। यह बदलाव पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक समीक्षा के बाद सामने आया है।

पार्टी नेतृत्व ने हाल ही में पंजाब मामलों की जिम्मेदारी सचिन पायलट को सौंपी थी। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के विभिन्न नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से बातचीत कर फीडबैक जुटाया। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई। कांग्रेस हाईकमान में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल के स्तर पर भी इस रिपोर्ट और संभावित बदलावों पर चर्चा हुई।

राजा वड़िंग के इस्तीफे को इसी संगठनात्मक कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब इकाई में गुटबाजी कम करने और अलग-अलग नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी के भीतर पिछले कई महीनों से नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रही हैं।

पंजाब कांग्रेस में नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर कई नाम चर्चा में हैं। पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। इसके अलावा परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

प्रदेश अध्यक्ष के चयन में कांग्रेस को क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखना होगा। पंजाब की राजनीति में मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों का अलग-अलग महत्व है। ऐसे में पार्टी हाईकमान ऐसा चेहरा चुनना चाहता है जो संगठन के विभिन्न गुटों के बीच स्वीकार्य हो और राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट कर सके।

राजा वड़िंग लुधियाना से कांग्रेस सांसद हैं और उन्होंने करीब चार वर्षों तक पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी को संगठन मजबूत करने के साथ अंदरूनी मतभेदों से भी जूझना पड़ा। हाल के महीनों में प्रदेश इकाई में नेतृत्व परिवर्तन की मांग भी सामने आई थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए प्रभारी द्वारा जुटाए गए फीडबैक में संगठनात्मक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया गया था।

वड़िंग ने नेतृत्व परिवर्तन के संकेतों के बीच कहा था कि पार्टी हाईकमान जो भी फैसला करेगा, वह उसका सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई थी कि जो भी नया प्रदेश अध्यक्ष बनेगा, वह पार्टी के हितों के लिए मजबूती से काम करेगा।

शुक्रवार की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कांग्रेस को पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचा जल्द स्पष्ट करना है। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के अलावा कुछ अन्य पदों पर भी बदलाव किए जाने की चर्चा है। पार्टी रणनीतिक रूप से चुनाव प्रचार, संगठन, बूथ प्रबंधन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व में संतुलन बनाने की तैयारी कर रही है।

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस का जोर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अंदरूनी मतभेद कम करने पर है। पार्टी नेतृत्व यह भी चाहता है कि नया प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, सांसदों और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बना सके।

राहुल गांधी और राजा वड़िंग की प्रस्तावित बैठक में वड़िंग की आगे की भूमिका पर भी चर्चा हो सकती है। चूंकि वह लोकसभा सांसद हैं और पंजाब कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, इसलिए पार्टी उन्हें प्रदेश की चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

नए अध्यक्ष के नाम को लेकर कांग्रेस में जल्द फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम पर विचार चल रहा है और अंतिम निर्णय हाईकमान को करना है। फिलहाल 10 जनपथ पर राजा वड़िंग की मौजूदगी ने पंजाब कांग्रेस में संभावित बड़े फेरबदल की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद क्या कोई नया राजनीतिक संकेत सामने आता है और कांग्रेस पंजाब प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कब करती है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह नियुक्ति पार्टी की संगठनात्मक और चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम होगी।

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