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देशभर में मानसून का कहर, भारी बारिश से जलभराव-भूस्खलन और हादसे

Delhi दिल्ली: देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव, भूस्खलन, मकान गिरने और सड़क हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई लोगों की जान चली गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों से मिल रही जानकारी के अनुसार, बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। कई जगहों पर नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके कारण प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहना पड़ रहा है।
राजधानी दिल्ली में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार को बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। कई इलाकों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली में लगातार बारिश के बाद प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों पर नजर बढ़ा दी है। नगर निकाय और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत न होने पर जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बारिश ने कई जिलों में असर दिखाया है। राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 19 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर मकान गिरने, बिजली गिरने और जलभराव जैसी घटनाओं ने लोगों की परेशानियां बढ़ाई हैं।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
दक्षिण भारत के केरल में भी बारिश और भूस्खलन का असर देखने को मिला है। वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर छह हो गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
वायनाड जैसे पहाड़ी इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाया है। स्थानीय टीमों के साथ आपदा प्रबंधन दल भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर पहाड़ी राज्यों और तटीय इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में भूस्खलन के चलते रास्ते बंद होने की स्थिति बनी है। प्रशासन द्वारा सड़कों को खोलने और यातायात सामान्य करने के लिए मशीनों और कर्मचारियों को लगाया गया है।
मानसून की बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं अत्यधिक बारिश कई बार बड़ी चुनौती बन जाती है। इस समय देश के कई हिस्सों में यही स्थिति देखने को मिल रही है। तेज बारिश के कारण शहरों में जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान लोगों को मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने से खतरा पैदा हो सकता है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों से संपर्क करें। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
देश के कई राज्यों में मानसून अभी सक्रिय है और आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस लोगों की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने और बारिश से हुए नुकसान को कम करने पर है। मानसून की इस चुनौती के बीच लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।





