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गृह मंत्रालय ने FCRA नियमों में किए अहम बदलाव

Kanchan Paikara
23 Jun 2026 5:41 PM IST
गृह मंत्रालय ने FCRA नियमों में किए अहम बदलाव
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New Delhi नई दिल्ली : गृह मंत्रालय (गृह मंत्रालय (MHA)) ने विदेशी चंदे से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026’ में संशोधन करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें धार्मिक श्रेणी के तहत आने वाली गतिविधियों को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत अब भारत में विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए अनुपालन (कम्प्लायंस) से जुड़े नियम और अधिक सख्त कर दिए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य विदेशी चंदे के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि इसका इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप ही हो।

संशोधित नियमों में धार्मिक श्रेणी के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों की विस्तृत परिभाषा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अस्पष्टता को कम किया जा सके। अब संगठनों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे किस प्रकार की धार्मिक गतिविधियों के लिए विदेशी योगदान प्राप्त कर रहे हैं और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में यह देखा गया था कि विदेशी फंडिंग के उपयोग को लेकर स्पष्टता नहीं होती थी, जिससे निगरानी में कठिनाई आती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमों को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाया गया है।

इन संशोधनों के बाद विदेशी चंदा प्राप्त करने वाले सभी संगठनों को अपने वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा समय-समय पर रिपोर्टिंग और ऑडिट से जुड़ी आवश्यकताओं को भी मजबूत किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। अब उन्हें अपने फंड के उपयोग को लेकर अधिक सावधानी और पारदर्शिता रखनी होगी।

सरकार का कहना है कि यह संशोधन राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

हालांकि, कुछ संगठनों का मानना है कि नए नियमों से अनुपालन का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था लंबे समय में प्रणाली को अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाएगी।

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