दिल्ली-एनसीआर

Meteorological विभाग ने जारी की चेतावनी

Kanchan Paikara
4 July 2026 6:06 PM IST
Meteorological विभाग ने जारी की चेतावनी
x
New Delhi नई दिल्ली : आसमान में छाए काले बादल और लगातार गिरता तापमान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि देश में मौसम ने एक बड़ा और तेज बदलाव ले लिया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक बेहद मजबूत कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) ने मानसून को और अधिक सक्रिय कर दिया है, जिससे देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तूफानी मौसम का खतरा बढ़ गया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और चेतावनियों के अनुसार, देश के
कई राज्यों में रेड
और ऑरेंज अलर्ट सक्रिय कर दिए गए हैं। आने वाले 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि कई राज्यों में अत्यंत भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने मुंबई और गांधीनगर सहित 10 राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई अन्य क्षेत्रों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई सामान्य मानसूनी बारिश नहीं है, बल्कि एक सक्रिय और तीव्र मौसमीय प्रणाली का प्रभाव है, जो व्यापक असर डाल सकती है।
कोंकण, गोवा, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और अत्यंत भारी बारिश का भी अनुमान लगाया गया है। इन क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होने के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने इस कम दबाव के क्षेत्र ने पूरे मानसून सिस्टम को मजबूत कर दिया है, जिससे नमी और हवाओं का दबाव बढ़ गया है। यही कारण है कि बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भी मौसम का यह उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का असर दैनिक जीवन पर पड़ने की संभावना है। कई जगहों पर यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्री हवाएं बेहद तेज रहने की संभावना है।
प्रशासनिक स्तर पर भी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
Next Story