- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- मोदी–मेलोनी मुलाकात...
मोदी–मेलोनी मुलाकात में “मेलोडी मोमेंट” वायरल, PM ने दिए पारंपरिक रेशमी स्टोल

Delhi दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की अंतरराष्ट्रीय मुलाकात एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई है। दोनों नेताओं के बीच हुए गर्मजोशी भरे संवाद और मित्रतापूर्ण व्यवहार को यूज़र्स ने “मेलोडी मोमेंट” नाम दिया है, जो लगातार इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच हुई सहज बातचीत और आत्मीयता को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग दोनों के बीच के सौहार्दपूर्ण संबंधों और हल्के-फुल्के माहौल की खूब सराहना कर रहे हैं।
हालांकि इस बार चर्चा केवल वायरल तस्वीरों और “मेलोडी” नाम से जुड़े पलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए विशेष उपहारों ने भी सबका ध्यान खींचा है। पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले दो पारंपरिक रेशमी स्टोल भेंट किए।
PM Modi gifted a Muga silk stole from Assam & Shirui Lily silk stole from Manipur for Italy PM Giorgia Meloni. pic.twitter.com/s54LhHtyfs
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 21, 2026
इन उपहारों में असम का प्रसिद्ध मूगा रेशम स्टोल और मणिपुर की शिरुई लिली से प्रेरित रेशमी स्टोल शामिल थे। ये दोनों स्टोल हाथ से बुने हुए हैं और भारत की पारंपरिक वस्त्र कला, कारीगरी और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक माने जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मूगा रेशम अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक और मजबूती के लिए जाना जाता है, जबकि शिरुई लिली से प्रेरित डिजाइन मणिपुर की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को दर्शाता है। इन उपहारों के माध्यम से भारत की हस्तशिल्प परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
यह मुलाकात भारत और इटली के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी दर्शाती है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में सहयोग और संवाद में वृद्धि देखी गई है, जिसे इस तरह की मुलाकातें और मजबूत बनाती हैं।
सोशल मीडिया पर “मेलोडी मोमेंट” को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहां उपयोगकर्ता दोनों नेताओं के बीच की मित्रता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।





