दिल्ली-एनसीआर

India मंडपम में होगा मेगा राइस कॉन्फ्रेंस

SHIDDHANT
23 Oct 2025 7:33 PM IST
India मंडपम में होगा मेगा राइस कॉन्फ्रेंस
x
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मांग
New Delhi नई दिल्ली। देश में चावल उत्पादन, अनुसंधान और व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल्द ही भारत मंडपम, प्रगति मैदान में एक मेगा राइस कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में असम, मेघालय और तेलंगाना सरकारें साझेदार के रूप में शामिल हुई हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय चावल उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई दिशा देना और किसानों से लेकर निर्यातकों तक सभी हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है। यह सम्मेलन इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) की अगुवाई में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से प्रमुख कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक, निर्यातक, और चावल उद्योग से जुड़े उद्यमी भाग लेंगे। सम्मेलन में आधुनिक खेती तकनीक, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, टिकाऊ कृषि, और निर्यात की नई संभावनाओं पर विशेष चर्चा होगी।
IREF के चेयरमैन ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है, लेकिन उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यह कॉन्फ्रेंस किसानों और उद्योग के बीच सेतु का काम करेगा। इसके साथ ही, यह मंच राज्य सरकारों, कृषि विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगा। असम और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन इलाकों में पारंपरिक धान की कई स्वदेशी किस्में उगाई जाती हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मांग है। वहीं तेलंगाना ने हाल के वर्षों में धान उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है और अब वह इस क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्रालय, APEDA, ICAR, और राज्य कृषि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में चावल प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, निर्यात रणनीति, और खाद्य सुरक्षा पर भी पैनल चर्चा होगी। सम्मेलन में देशी-विदेशी 50 से अधिक कंपनियां और कृषि स्टार्टअप्स अपने नवीनतम उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र और “Rice Innovation Pavilion” भी लगाया जाएगा, जिसमें भारत की पारंपरिक और आधुनिक किस्मों का प्रदर्शन होगा। इस आयोजन से न केवल भारत के कृषि क्षेत्र को गति मिलेगी, बल्कि देश को “ग्लोबल राइस हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
Next Story