- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- मानसून से पहले MCD...
मानसून से पहले MCD अलर्ट, यमुनापार के नालों की सफाई पर सख्ती

नई दिल्ली : मानसून की शुरुआती बारिश के बाद जलभराव और नालों के ओवरफ्लो की समस्या को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यमुनापार क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम अधिकारियों ने नालों की सफाई, डी-सिल्टिंग और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।
इसी क्रम में निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने उत्तरी-पूर्वी जोन के भजनपुरा ड्रेन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नाले की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निगम आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की समय पर सफाई बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि बड़े नालों के साथ-साथ छोटे नालों और जल निकासी मार्गों की भी लगातार जांच की जाए, ताकि बारिश के समय पानी की निकासी में किसी तरह की बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नाले की सफाई व्यवस्था, गाद निकालने के काम और जल निकासी क्षमता की समीक्षा की। निगम की ओर से बताया गया कि मानसून के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं।
निगम आयुक्त ने कहा कि नालों में कूड़ा फेंकने की वजह से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थ नालों में जमा होने से पानी के बहाव में रुकावट आती है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नालों में कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जागरूकता अभियान के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जुर्माना लगाया जाए।
दिल्ली में मानसून के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। खासतौर पर निचले क्षेत्रों और उन स्थानों पर जहां नालों की सफाई ठीक से नहीं हो पाती, वहां बारिश के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए MCD ने इस बार पहले से तैयारी करने पर जोर दिया है।
यमुनापार क्षेत्र में भजनपुरा समेत कई इलाकों में बड़ी आबादी रहती है। यहां जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखना निगम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग होने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
MCD ने मानसून के दौरान जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने की योजना बनाई है। इसके अलावा, शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम अधिकारियों के अनुसार, नालों से गाद निकालने का काम लगातार जारी है और इसकी प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है। सफाई कर्मचारियों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दें।
नगर निगम का कहना है कि जलभराव केवल प्रशासनिक व्यवस्था से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से भी नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और नालों को साफ रखने में सहयोग करें।
मानसून के दौरान दिल्ली में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए MCD ने अपनी तैयारियों को और मजबूत करने का फैसला किया है। निगम का लक्ष्य है कि समय रहते नालों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
फिलहाल भजनपुरा ड्रेन समेत यमुनापार के अन्य प्रमुख नालों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन में सफाई और जल निकासी व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी।





