दिल्ली-एनसीआर

Monsoon सत्र में कई बड़े बदलावों की संभावना

Kanchan Paikara
3 July 2026 2:15 PM IST
Monsoon सत्र में कई बड़े बदलावों की संभावना
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New Delhi | नई दिल्ली : 20 जुलाई से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र इस बार बेहद अहम माना जा रहा है। यह सत्र केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की आने वाली राजनीतिक और संवैधानिक दिशा तय करने वाले कई बड़े फैसलों का गवाह बन सकता है। सरकार की ओर से इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी की गई है, जिनमें महिला आरक्षण संशोधन, परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव, लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की संभावना और मंत्रियों के लिए कथित ‘जेल क्लॉज’ जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इन प्रस्तावों को लेकर पहले से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि यदि ये विधेयक अपने मौजूदा स्वरूप में सदन में पेश होते हैं तो इनका असर केवल वर्तमान कार्यकाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले चुनावों और देश के राजनीतिक समीकरणों पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है।
इसके साथ ही सरकार वन नेशन-वन इलेक्शन, एफसीआरए संशोधन और अन्य सुधार संबंधी विधेयकों को भी सूची में शामिल कर सकती है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया में बड़े बदलाव करना बताया जा रहा है।
दूसरी ओर विपक्ष इस सत्र को सरकार को घेरने के बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, बाढ़, सूखा, चुनावी सूची संशोधन और क्षेत्रीय दलों में टूट जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला करने की तैयारी में है। ऐसे में संसद का यह सत्र टकरावपूर्ण रहने की पूरी संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून सत्र केवल विधायी प्रक्रिया नहीं होगा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच भी बनेगा। कई संवैधानिक और नीतिगत बदलावों पर चर्चा होने से यह सत्र लंबे समय तक चर्चा में रह सकता है।
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